अब तक बलिया शहर कोतवाली पुलिस ने दो, सिकंदरपुर से नौ और नगरा थाना क्षेत्र से 21 अभियुक्त पकड़े जा चुके हैं। अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम पर शुक्रवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार को उत्तर प्रदेश में पेपर लीक पर चर्चा भी करनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कुछ परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने का हवाला दिया।
शुक्रवार को कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पेपर लीक की खबर लिखने वाले पत्रकार को जेल भेजा जा रहा है, लेकिन, पेपर लीक करने वाला तंत्र सरकार में पैठ जमाए बैठा है। उस पर न कोई बुलडोजर चलता है, न कोई बदलाव आता है। पिछले साल 28 नवंबर को यूपी टीईटी पेपर लीक से लाखों युवाओं को ठेस पहुंची थी। कार्रवाई के नाम पर दिखावटी कदमों के अलावा कुछ नहीं हुआ।
प्रियंका ने कहा कि उप्र के युवा आजतक नहीं जान पाए कि यूपी सरकार के किस भ्रष्ट तंत्र ने पेपर लीक को अंजाम दिया। नतीजतन, एक और पेपर लीक हो गया है। बलिया में पेपर लीक में पत्रकारों की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को कई जिलों में प्रदर्शन भी किया।
राज्यपाल के नाम ज्ञापन देते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कहा है कि हिरासत के डर से चौथा स्तंभ आजाद होना चाहिए। भाजपा सरकार के राज में ये बेहद नकारात्मक बात है कि जो देता है अपराध की खबर, उसी पर टूटता है कहर।