अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) सुंदरलाल ने भाजपा के सरधना विधायक संगीत सोम की नंगला मंदौड़ महापंचायत में भड़काऊ भाषण देने के मामले में जमानत याचिका मंजूर कर ली।
दोनों मामलों में जमानत होने के बावजूद रासुका में निरुद्ध होने के कारण विधायक को रिहाई के लिए इंतजार करना होगा।
बुधवार को संगीत सोम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय (एसीजेएम) कोर्ट में पेश हुए। जमानत पर बहस करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने तर्क दिया कि धारा 144 लागू करने से पहले उसके व्यापक प्रचार-प्रसार का कानून है लेकिन पुलिस-प्रशासन ने इसका पालन नहीं किया।
विधायक संगीत सोम दूसरे जिले के रहने वाले हैं, उन्हें जानसठ क्षेत्र में धारा 144 लगी होने की जानकारी नहीं मिल सकी। इसके अलावा पुलिस ने भड़काऊ भाषण में 40 लोगों को नामजद किया है। रिपोर्ट में सीधे विधायक के नाम का कोई मामला दर्ज नहीं है।
इस पर एसीजेएम (द्वितीय) ने विधायक की जमानत याचिका मंजूर कर ली। इससे पहले फेसबुक पर कवाल की कथित वीडियो शेयर करने के मामले में सोम को जमानत मिल चुकी है। दो मामलों में जमानत के बावजूद अभी विधायक को जेल में ही रहना पड़ेगा।
रासुका लगी होने के कारण सोम की रिहाई अटकी हुई है। उधर, संगीत सोम बुधवार सुबह ही लखनऊ से जिला कारागार पहुंचे थे। दुपहर के उन्हें सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया।