महसी तहसील क्षेत्र में बेलहा बेहरौली तटबंध पर वृद्धा को तीरपाल देते जिलाधिकारी।
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महसी (बहराइच)। बेलहा-बेहरौली तटबंध से रविवार को डीएम के वाहनों का काफिला गुजर रहा था। तभी अचानक पिपरी गांव के सामने एक वृद्धा ने इशारा कर डीएम को रोक लिया। डीएम के उतरते ही वृद्धा फफक पड़ी। बोली, बाढ़ व कटान ने तटबंध पर बसाया और नियत ने बेटा भी छीन लिया। जिस पर भावुक हो उठे डीएम ने उसे मैं हूं अम्मा कहकर ढांढस बंधाया और तिरपाल देते हुए एसडीएम को उसे सभी सुविधाएं देने के निर्देश दिए।
महसी तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और गांवों में आई बाढ़ का जायजा लेने रविवार को जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र पहुंचे थे। वह क्षेत्र के विभिन्न गांवों का निरीक्षण कर रहे थे। बेलहा-बेहरौली तटबंध के पिपरी गांव के निकट पहुंचने पर अचानक एक वृद्धा ने इशारा कर वाहनों के काफिले को रोक लिया। वाहन से उतरते ही डीएम ने उसका नाम पूछा। वृद्धा सरोज देवी ने आंखों से बहते आंसुओं के बीच बताया कि साहब बाढ़ व कटान ने कई साल पहले मकान छीन लिया था। अब फूस के घर में भी बाढ़ का पानी भरा है। क्रूर नियत ने तीन दिन पूर्व उसके बेटे राजेश कुमार को भी मौत की गोद में सुला दिया। इतना कहकर वह फफक पड़ी।
उसकी बातें सुन भावुक हो उठे डीएम ने कहा कि अम्मा चिंता क्यों करती हो, मैं हूं ना। डीएम ने गाड़ी से निकालकर उसे तिरपाल दी। एसडीएम महसी एसएन त्रिपाठी को निर्देश दिया कि वृद्धा को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ तत्काल प्रदान किया जाए। डीएम की बेबाक कार्यशैली को देखकर उपस्थित लोगों ने इसकी जमकर सराहना की।
मां की मौत का गम
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की मां ब्रह्मो देवी का अभी एक सप्ताह पूर्व बिजनौर के पैतृक गांव में निधन हो गया था। मां की मौत के गम में वह डूबे थे, मगर बाढ़ की त्रासदी से जनता को बचाने की जद्दोजहद में डीएम अपना भी गम भूल चुके हैं।