बहराइच। फसल अवशेष जलाने के आरोप में पुलिस कार्रवाई की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिले के विभिन्न गांवों के 109 किसानों पर कार्रवाई की गई थी। 35 किसानों की गिरफ्तारी भी हुई थी। सरकार ने अब किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया है। इसके साथ ही किसानों को अब जुर्माना भी नहीं देना पड़ेगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में खुशी है।
पर्यावरण प्रदूषण व मिट्टी की बिगड़ती उर्वरा शक्ति के चलते सरकार ने पराली जलाने को सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा था। गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी की गई। जुर्माना का भी प्रावधान किया गया था। वैसे तो कई वर्षों से यह अभियान चल रहा है, लेकिन पिछले वर्ष विशेष अभियान चलाकर किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
लाखों रुपये जुर्माना भी वसूला गया। इतना ही नहीं फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए जिन कर्मचारियों व अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। लापरवाही के आरोप में ग्राम प्रधान समेत कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई। किसानों पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते राजनीतिक व किसान संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। किसान सर्वदानंद शुक्ला, रणविजय सिंह, एसके मिश्रा, रामधीरज, बनवारीलाल ने बताया कि सरकार ने किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने का सराहनीय फैसला लिया है। फसलों को गोवंश से बचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
इतने किसानों पर हुई थी कार्रवाई
पिछले वर्ष फसल अवशेष जलाने के 84 ग्राम पंचायतों में 110 मामले हुए थे। इनमें 109 किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। किसानों से पांच लाख 95 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया था। नानपारा तहसील क्षेत्र के 19, सदर तहसील क्षेत्र के नौ, पयागपुर के तीन, कैसरगंज के दो,महसी व मिहींपुरवा के एक-एक किसानों की गिरफ्तारी की गई थी।
अधिकारी व कर्मचारियों पर भी हुई कार्रवाई
सरकार ने ग्राम पंचायत, ब्लॉक, तहसील व जिला स्तर पर टीम बनाकर फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए अभियान चलाया था। इनमें जिन अधिकारियों, कर्मचारियों व ग्राम प्रधानों ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया था। उन पर भी कार्रवाई की गई थी। जिले के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों व 41 ग्राम प्रधान व अन्य पर कार्रवाई की गई थी। इनमें लेखपाल, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारी व कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
सरकार ने पराली जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। विवेचना में मुकदमा वापसी की कार्रवाई पुलिस को करनी है। इसके अलावा अब किसानों से जुर्माना भी नहीं वसूला जाएगा। हालांकि शासन की ओर से अभी इस बारे में गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। दिशा-निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -टीपी शाही, उप निदेशक कृषि बहराइच।