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अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर ग्रामीण करेंगे निगहबानी

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बहराइच। बहराइच-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा अथवा उसके आसपास के क्षेत्र में घटने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर अब एसएसबी के साथ-साथ ग्राम सुरक्षा निगरानी समिति की भी नजर रहेगी। जोन के एडीजी अखिल कुमार की पहल पर जिला पुलिस ने काम शुरू कर दिया है।
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बहराइच जिले की 110 किमी. सीमा से जुड़े 83 गांवों के चिह्नित लोगों को इस समिति से जोड़ा जाएगा। जुड़े हुए लोग ही गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस को सूचित करते रहेंगे। यह व्यवस्था भारत-नेपाल सीमा पर अपराध, तस्करी और आतंकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए भी शुरू की जा रही है।
पुलिस अफसरों के मुताबिक भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की दो बटालियन तैनात हैं जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती हैं। लेकिन पुलिस विभाग यहां पर नया प्रयोग करने जा रहा है जिससे जरायम और कम हो सके। इसके लिए 110 किमी. सीमा से जुड़े 83 गांवों के लेखपाल, सचिव, प्रधान, चौकीदार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, बीट आरक्षी, पूर्व सैनिक, पूर्व पुलिस कर्मी व सक्रिय एनजीओ से जुड़े सदस्य आदि को निगरानी समिति का सदस्य बनाया जाएगा।
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उक्त सभी जिला मुख्यालय के एक पटल से जुड़े रहेंगे और उनके पटल को उनके द्वारा ही गतिविधियों की सूचना दी जाएगी। सीमा पर अथवा उनके गांव में कुछ भी असामान्य होने की स्थिति में वे तत्काल जिला मुख्यालय को सूचित कर सकते हैं। इस समिति का दायरा सीमा से 10 किमी. तक निर्धारित किया जा रहा है।
समिति के सदस्यों को चिह्नित करने की क्या प्रक्रिया होगी, क्या सदस्यों को कोई आईकार्ड आदि दिया जाएगा, इस प्रश्न पर अफसरों का कहना है कि इन प्रकरणों पर उच्चाधिकारियों द्वारा विचार किया जा रहा है।
यहां यह भी बता दें कि एडीजी अखिल कुमार द्वारा इस व्यवस्था की शुरुआत सिर्फ बहराइच में ही नहीं बल्कि भारत-नेपाल से जुड़े बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व महराजगंज आदि जिले में भी शुरू कराई जा रही है। अफसरों के मुताबिक समिति के सहयोग से हम नशे का कारोबार, आतंकी गतिविधि व तस्करी आदि पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगा सकते हैं।
एडीजी के निर्देश पर हम लोगों ने ग्राम सुरक्षा निगरानी समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में समिति की क्या संरचना होगी इसका खाका खींच लिया गया है। बाकी निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
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-अशोक कुमार, एएसपी ग्रामीण, बहराइच
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