बहराइच। रानीपुर के अहिराटाड गांव निवासी दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 11 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
थाना रानीपुर में एक अप्रैल, 2016 को पीड़ित महिला ने तहरीर देकर बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी खेत से मेरे साथ फसल लेकर लौट आई थी। मैं घर आ गई, लेकिन इसी दौरान अहिराटाड गांव निवासी मौजी लाल बेटी को अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। बेटी को जबरन खेत में खींच ले गया और दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगा। बेटी के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और मौजी लाल मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज नही किया था। इसके महिला ने घटना की एसपी से शिकायत की थी।
एसपी के आदेश पर थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मौजी लाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को मुकदमे में सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।