बहराइच। पचपकड़ी गांव में सो रहे बेटे को घर पर छोड़कर मां दुर्गा पूजा देखने चली गई। नींद से जगने के बाद मां को खोजने निकला तीन वर्षीय बेटा भटककर गायब हो गया। 12 घंटे की खोजबीन के बाद जब पुलिस के साथ मां मासूम के पास पहुंची तो वह मां को देखकर रो पड़ा। पुलिस ने सकुशल बरामद करने के बाद बच्चे को नियमानुसार परिजनों के सुपुर्द किया।
रूपईडीहा थाना क्षेत्र पचपकड़ी गांव निवासी रीता देवी पत्नी शंकर शनिवार की रात अपने तीन वर्षीय बेटे राज को सुलाने के बाद गांव में आयोजित दुर्गा पूजा को देखने के लिए चली गई। जब वह एक घंटे बाद वापस आई तो देखा कि घर में सो रहा बेटा गायब था। बेटे के बिस्तर पर न होने से घर में चीख-पुकार मच गई। घंटों प्रयास के बाद जब मासूम नहीं मिला तो रविवार की सुबह परिजनों ने मासूम के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। बच्चे के गायब होने की सूचना को रूपईडीहा थानाध्यक्ष अभय सिंह ने गंभीरता से लेते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज कर ढूंढना शुरू किया।
लगभग 11 बजे के आसपास पुलिसकर्मी जब नेपाल बार्डर के पास स्थित तालाब के पास पहुंचे तो देखा कि मासूम बच्चे से एक किसान पूछताछ कर रहा था। मां को देखकर बेटा रोने लगा और कहने लगा कि मां मुझे छोड़कर कहां चली गई थी। अब मुझे छोड़कर मत जाना। मासूम के मिलने के बाद परिजनों व पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चा अपनी मां को खोजने निकला था और रास्ता भटककर तालाब के पास पहुंच गया। एक किसान उससे नाम पता पूछ ही रहा था। जिससे वह उसे घर पहुंचा सके, लेकिन तब तक पुलिस पहुंच गई। बच्चे को नियमानुसार परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।