बहराइच। तराई में मौसम का मिजाज बदल रहा है। सुबह व शाम को हल्की ठंड व दिन में तेज धूप के कारण बच्चों में बुखार, निमोनिया, दस्त जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में अभिभावकों को छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सजग रहने की जरूरत है।
मौसम का मिजाज दिनोंदिन बदल रहा है। सुबह व शाम को हल्की ठंड पड़ने लगी है, जबकि दोपहर के समय धूप निकलने से वातावरण में गर्मी हो रही है। बदलते मौसम का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय समेत निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन काफी संख्या में ऐसे बाल रोगी पहुंच रहे हैं जिन्हें बुखार, निमोनिया व दस्त की समस्या है।
ऐसे में अभिभावकों को छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से जागरूक होने की आवश्यकता है। जिससे उन्हें गंभीर रोगों की चपेट में आने से बचाया जा सके। इस मौसम में बच्चों में कोल्ड डायरिया व निमोनिया के खतरे ज्यादा रहते है। बच्चों में सर्दी, जुखाम, खांसी व दस्त जैसे लक्षण दिखने पर अभिभावकों को शीघ्र ही चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
बचाव के उपाय
-साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
-बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
-सिर ढक कर रखें।
-चप्पल व जूते पहनाकर रखें।
- सुबह-शाम बच्चों को बाहर न टहलाएं।
सुबह की धूप सेंकना बच्चों के लिए लाभदायक
इस समय बच्चों के कमरे में तापमान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। रात में बच्चों को कंबल व रजाई से ढक कर रखें। साथ ही सुबह की धूप से बच्चों को सेंकें। वह लाभदायक है। नवजात शिशु को मां सीने से लगाकर कंगारू मदर केयर जरूर करें। जिससे बच्चे का शरीर गर्म बना रहे। सभी माताएं बच्चे को छह माह तक अपना ही दूध पिलाएं। बदलते मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान दें। उल्टी, दस्त व अन्य कोई शिकायत हो तो बिना चिकित्सक के सलाह के बिना दवा न लें। -डॉ. बीके सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज