बहराइच। भाई-बहन के अटूट प्रेम व स्नेह का प्रतीक भैयादूज उमंग व उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने घरों में रंगोली बनाकर विधि-विधान से पूजा अर्चना की। भाई के माथे पर खुशहाली का टीका लगाकर लंबी आयु की कामना की और मिठाई खिलाई। भाइयों ने बहनों को उपहार के साथ रक्षा करने का संकल्प लिया।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना ने यमदेव को अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था। इससे उस दिन नारकीय जीवों को यातना से छुटकारा मिला और वह लुप्त हो गए। पाप मुक्त होकर वे सभी सांसारिक बंधनों से मुक्त हुए और सभी ने उत्सव मनाया। जो यमलोक को सुख पहुंचाने वाला था। इसी से यह तिथि तीनों लोकों में यम द्वितीया के नाम से जानी जाती है और यह त्योहार मनाया जाता है। भैयादूज पर्व पर शनिवार को बहनें सुबह से ही काफी उत्साहित दिखीं। घरों में सुबह से ही युवतियां व महिलाओं ने पूजा-अर्चना की तैयारी में जुटी रहीं। शुभ मुहूर्त में भाइयों के माथे पर टीका लगाया और लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। (संवाद)
100 बच्चियों को बनाया बहन
सपा नेता प्रमोद सिंह जादौन ने अनोखे अंदाज में भैया दूज पर्व को मनाया। कैसरगंज में 100 बच्चियों को अपनी बहन बनाया और उनके साथ ही भैयादूज पर्व को मनाया। सपा नेता ने कहा कि मेरे घर में तीन पीढ़ियों से बेटियों का जन्म नहीं हुआ है। ऐसे में गांव की बच्चियों को बहन मानकर अपनी खुद की बहन के न होने का अहसास नहीं होगा।
नेपाल सीमा पर भी मनाया गया त्योहार
रूपईडीहा बॉर्डर के बाद से नेपाल शुरू होता है। नेपाल में भी भैयादूज का पर्व मनाया गया। बहनों ने भाई के माथे पर टीका लगाकर उनके लंबी आयु की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार दिया। त्योहार को लेकर सीमा पर चौकसी बरती गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही धूम
भैया दूज का पर्व शहर के साथ ग्रामीण अंचलों में रही। ग्रामीण क्षेत्र के रिसिया, नानपारा, बाबागंज, रूपईडीहा, नवाबगंज, मटेरा, हरदी, खैरीघाट, बिछिया, जरवलरोड, कैसरगंज, पयागपुर, विशेश्वरगंज, हुजुरपुर समेत अन्य जगहों पर धूमधाम से मनाया गया।