फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज हो रहा दर्द, अल्ट्रासाउंड होगा एक महीने बाद

विज्ञापन
बहराइच के जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजी विभाग में लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : BAHRAICH
विज्ञापन
बहराइच। जिला चिकित्सालय में स्थित रेडियोलॉजी विभाग दर्द से कराहते मरीजों के लिए महज शोपीस साबित हो रहा है। प्रतिदिन यहां अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराने के लिए आने वाले मरीजों को कभी मशीन खराब तो कभी किसी बहाने से लौटाया जा रहा है। यदि किसी की जांच होती भी है तो घंटों इंतजार करने के बाद। ऐसे में निशुल्क व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की आस लिए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। एक्स-रे के लिए लोगों को तीन से चार दिन तो अल्ट्रासाउंड के लिए एक-एक माह की तिथि मरीजों को दी जा रही है। जिससे लोगों में मायूसी है। रेडियोलॉजी विभाग से लंबी तारीख मिलने अथवा कई बार लौटने पर विवश मरीजों को निजी सेंटरों पर महंगा शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

केस-1. गिलौला क्षेत्र से आए कृपाराम ने बताया कि उनके पेट में कई दिनों से दर्द हो रहा है। आज उन्होंने चिकित्सक को दिखाया था। जिस पर चिकित्सक द्वारा अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया गया। रेडियोलॉजी विभाग में अल्ट्रासाउंड के लिए आने पर उन्हें आगामी 28 जून की डेट दी गई है। ऐसे में अब उन्हें निजी सेंटर पर जांच करानी होगी। -कृपाराम
केस-2. कैसरगंज से हाथ में चोट लगने पर जिला चिकित्सालय पहुंचे 14 वर्षीय बालक गुड्डू को चिकित्सक ने एक्स-रे कराने का परामर्श दिया था। गुड्डू के परिवारीजनों ने बताया कि वह बीते तीन दिन से एक्स-रे कराने यहां आ रहे हैं, लेकिन मशीन खराब होने की बात कहकर उन्हें आज भी वापस कर दिया गया है। अब शुक्रवार को फोन करके एक्स-रे के लिए आने की बात कही गई है। -गुड्डू
विज्ञापन

केस-3. सासापारा से आए अंबरीश कुमार यादव ने बताया कि वह सुबह साढ़े दस बजे अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए रेडियोलॉजी विभाग में आये थे। यहां उन्हें आधे घंटे का समय दिया गया था, ढाई घंटे बीतने के बाद भी अभी तक उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए नहीं बुलाया गया है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड होगा या नहीं यह भी नहीं पता। -अंबरीश
केस-4. धौरहरा के ईशानगर निवासी श्रीधर भी कई घंटों तक एक्स-रे के लिए इंतजार करते रहे। उन्होंने बताया कि कई घंटे से यहां बैठे रहने पर भी अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। एक्स-रे के बारे में बात करने पर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब भी यहां तैनात स्टॉफ द्वारा नहीं दिया जा रहा। -श्रीधर
निजी सेंटर वसूल रहे मनमाना शुल्क
जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की सुविधा न मिलने से जब मरीज निजी सेंटरों पर जांच के लिए पहुंचते हैं तो उनसे मनमाना शुल्क वसूल किया जाता है। इन सेंटरों पर हाथ, पैर व सीने के एक्स-रे का अलग-अलग शुल्क वसूलने के साथ ही डिजिटल एक्स-रे का भी अलग शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों से एक हजार से अधिक रुपये लिए जा रहे हैं।
रेडियोलॉजिस्ट की संख्या कम होने से दिक्कत
मानक के अनुसार जिला चिकित्सालय में रेडियालॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। वर्तमान समय में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट डॉ. डीके बेन की तैनाती है। डोनेटेड एक्स-रे मशीन भी खराब है। इसकी वजह से कुछ समस्याएं आ रही हैं। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। -डॉ. एमएमएम त्रिपाठी, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें