रूपईडीहा (बहराइच)। पड़ोसी देश नेपाल के जिला बांके में गुरुवार को धंबोजी चौक पर कुछ स्वतंत्र कार्यकर्ताओं, राष्ट्रवादी युवा समूह व राप्रपा कार्यकर्ताओं ने राजा बीरेंद्र की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया। मौजूद भीड़ ने चौक पर लगा राष्ट्रीय ध्वज हटा दिया और वहां राजा बीरेंद्र की प्रतिमा स्थापित कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दखल दिया और तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर व आंसू गैस का गोला छोड़ कर भीड़ को तितर-बितर किया। तनाव को देखते हुए धंबोजी चौक पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात है।
गौरतलब हो कि धंबोची चौक पर पूर्व में लगी राजा बीरेंद्र की प्रतिमा को जन आंदोलन के दौरान तोड़ दिया गया था। जिसके बाद धंबोजी चौक राजा बीरेंद्र की प्रतिमा हटा दी गई थी और वहां पर राष्ट्रीय ध्वज लगा दिया गया था। गुरुवार को एक बार फिर धंबोजी चौक पर प्रतिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए भारी मात्रा में लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। भीड़ में मौजूद लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को हटा दिया और वहां राजा बीरेंद्र की प्रतिमा स्थापित कर दी। जिसके बाद तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रतिमा को हटवा दिया। इससे नाराज कुछ उपद्रवियों ने धंबोजी चौक के पास स्थित सेतुविक चौक पर सेतुविक की प्रतिमा को तोड़ दिया। बताते चलें कि सेतुविक चौक को पहले ज्ञानेंद्र चौक कहा जाता था और बाद में जन आंदोलन में शहीद हुए सेतुविक के नाम पर इस चौराहे का नाम सेतुविक चौक रख दिया गया था और वहां सेतुविक की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी। धंबोजी चौक और सेतुविक चौक के बीच तनाव के दौरान पुलिस और राजशाही समूह के बीच जमकर पथराव हुआ। राप्रपा के सहायक महासचिव ऋषि राज देवकोटा ने बताया कि झड़प में कुछ युवक घायल भी हुए हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात हैं।