जरवल के बसहियापाते में जांच करते लोकपाल मनरेगा।
बहराइच। मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है, इसका उदाहरण लोकपाल मनरेगा उमेश तिवारी की जांच में देखने को मिला है। जिसमें जरवल विकासखंड में खडंजे पर मिट्टी पटाई कार्य दिखाकर फर्जी मास्टर रोल के सहारे 48405 रुपये निकाल लिए गए। जांच में खुलासा होने पर लोकपाल ने सचिव, ग्राम प्रधान व तकनीकि सहायक से गबन किए गए रुपयों के रिकवरी का आदेश दिया है। साथ ही शिथिल पर्यवेक्षण पर बीडीओ, एपीओ व लेखाकार पर 1000-1000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
लोकपाल मनरेगा उमेश तिवारी ने बताया कि जरवल विकासखंड के ग्राम पंचायत बसहिया पाते निवासी मोहम्मद आशिक ने शिकायती पत्र देकर गांव में 48405 रुपये के घोटाले की शिकायत की थी। जिस पर तकनीकि सहायक आमोल श्रीवास्तव, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी परीक्षित यादव के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया। जांच में मजरा मीरगंज स्थित पप्पू हुसैन के घर से 200 तक के मिट्टा पटाई कार्य के सत्यापन में मौके पर तीन साल पूर्व निर्मित इंटरलॉकिंग व आठ साल पूर्व निर्मित खडंजा पाया गया। कहीं भी मिट्टी पटाई नहीं मिली। जबकि इसी कार्य के लिए 19 अप्रैल में 48405 रुपये निकाले गए थे। फर्जी मास्टर रोल से पैसे निकालने की पुष्टि होने के बाद ग्राम प्रधान मोहम्मद असलम, तत्कालीन सचिव, व तकनीकि सहायक से गबन किए गए 48405 रुपये समानुपात में रिकवर करने का आदेश दिया है। वहीं खंड विकास अधिकारी, एपीओ व तत्कालीन लेखाकार पर 1000-1000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।