फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन में डेढ़ करोड़ का घोटाला

विज्ञापन
विज्ञापन
गायघाट (बहराइच)। मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्रामसभा राजापुर कलां एवं गुलरिया जगतापुर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का शौचालय घोटाला सामने आया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गरीब पात्रों को मिलने वाले शौचालय में दो पूर्व प्रधानों ने बड़ा घोटाला करते हुए सैकड़ों गरीबों के हक पर डाका मारा। नियम के विपरीत जाकर किसी लाभार्थी के खाते में धन नहीं डाला गया, बल्कि पूर्व प्रधानों द्वारा बनाए गए फर्मों पर भुगतान करा दिया गया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने मोतीपुर थाने में पूर्व प्रधानों एवं प्रधानों के परिवारीजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन

शिकायती पत्र के अनुसार, गुलरिया जगतापुर में 948 के सापेक्ष 269 शौचालयों का ही निर्माण कराया गया। यहां पर करीब एक करोड़ 13 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। पुलिस ने पूर्व प्रधान बीना सिंह, रामशरण सिंह एवं पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं राजापुर कलां ग्राम सभा क्षेत्र में भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत 948 शौचालयों का निर्माण होना था। प्रति शौचालय 12 हजार रुपये खातों में भेजे गए थे। यहां पर 31 लाख 20 हजार रुपये का घोटाला सामने आया है। आरोप है कि निवर्तमान प्रधान रामादेवी, प्रधानपति दिनेराम व ग्राम पंचायत सचिव लक्ष्मीनारायण (निवासी मनिकापुर पयागपुर) ने आपस में साठगांठ कर मानकों की अनदेखी की और गरीबों का हक मार लिया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) महेंद्र प्रताप सिंह ने मोतीपुर थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
खातों में न भेजकर फर्मों को कराया आवंटन
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत यह नियम है कि जो भी लाभार्थी हों उनके खातों में 12 हजार रुपये डाले जाएं, ताकि उसमें किसी अन्य का हस्तक्षेप न रहे। लेकिन दोनों पूर्व प्रधानों और सचिव लक्ष्मी नारायण ने नियमों को ताख पर रखकर खूब भ्रष्टाचार किया और गरीबों का हक मारा। तीनों ने मिलकर लाभार्थियों के खाते में पैसा न भेजकर विभिन्न फर्मों को पैसा ट्रांसफर करा दिया।
विज्ञापन

विधायक ने की थी शिकायत
इस प्रकरण की शिकायत लगातार ग्रामवासी करते रहे हैं। लेकिन जब बलहा विधायक सरोज सोनकर ने इस मुद्दे को उठाया तो प्रकरण की जांच शुरू की गई। जांच में यह घोटाला सामने आया।
आरोपी के पक्ष में लामबंद हो रहे कुछ ग्राम सचिव
इतना बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी जिले के कुछ ब्लॉकों में तैनात पंचायत सचिव अब डेढ़ करोड़ के शौचालय घोटाले के आरोपी लक्ष्मी नारायण के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई सचिव लक्ष्मी नारायण को बचाने के लिए लामबंदी करने में जुट गए हैं।
मोतीपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। धाराओं में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भी जुड़ना चाहिए था। इसको बाद में जुड़वाएंगे। अभी अन्य गांवों की भी जांच करा रहे हैं। -उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ, बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें