बहराइच। कोलकाता में बीते आठ अगस्त को महिला डॉक्टर की हत्या को लेकर जिले के डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर, जूनियर रेजीडेंट, सीनियर रेजीडेंट हड़ताल पर चले गए। सभी ने नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए दोषी को फांसी दिए जाने की मांग की। वहीं पर्चा काउंटर बंद कर देने की वजह से मरीज इलाज के लिए भटकते रहे।
बुधवार को सैकड़ों की संख्या में मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर, जूनियर रेजीडेंट, सीनियर रेजीडेंट, एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं, इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। पंजीकरण केंद्र के सामने दोषी को फांसी दो आदि नारे लगाते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया। इससे इलाज कराने आए लगभग 2000 मरीज नए मरीज इधर-उघर भटकने के बाद बैरंग लौट गए। वहीं इस समय ज्यादातर मरीज जुकाम-बुखार, खांसी, वायरल के मरीज आ रहे हैं जिन्हें बिना इलाज लौटना पड़ा।
एक्सरे न होने से परेशान रहे मरीज
विशेश्वरगंज के बड़ागांव निवासी राजाराम सुबह लगभग 11 बजे अपने परिजनों के साथ बारामदे में बेंच पर मायूस बैठे थे। बताया कि डॉक्टरों की हड़ताल के चलते एक्सरे नहीं हो पा रहा है। यहीं मौजूद राधा ने बताया कि वह भी एक्सरे कराने आई थी, लेकिन नहीं हो पा रहा है।
सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं
हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेज में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहीं। दुर्घटना, मारपीट सहित गंभीर बीमारी से पीड़ित आने वाले मरीजों का इलाज हो सका। इसके अलावा ओपीडी में डॉक्टर तो बैठे, लेकिन वही मरीज देखे गए जिनके पास पुराना पर्चा वैलिड था। नए मरीजों को ओपीडी के गेट से ही वापस कर दिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
डॉक्टरों की हड़ताल व प्रदर्शन की सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर व एसडीएम सदर दोपहर डेढ़ बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टर ही हत्या के दोषियों को सजा दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई कराई जाएगी। इसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी।
कोलकाता में महिला डॉक्टर की हत्या को लेकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने हड़ताल की थी। सभी डॉक्टर काम पर लौट गए हैं। चिकित्सा सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं।
- प्रो.डॉ.संजय खत्री, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज