मौसम में परिवर्तन के बीच जिले में खसरे का प्रकोप शुरू हो गया है। पुलिस लाइंस में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 14 रंगरूट खसरे की चपेट में आ गए हैं। इन सभी को तेज बुखार के साथ शरीर पर दाने निकल रहे हैं। तीन दिन से खसरे का प्रकोप है, लेकिन पुलिस लाइंस प्रशासन को शनिवार को सुबह जानकारी हुई।
इसके बाद हड़कंप मच गया। मामले की सूचना सीएमओ को दी गई। दोपहर बाद पहुंची संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम ने जांच कर सभी का इलाज शुरू किया। टीम के चिकित्सकों ने खसरा फैलने की पुष्टि की है। पीड़ितों को अन्य रंगरूटों से अलग रखने की हिदायत भी दी गई है।
तराई में मौसम परिवर्तन के चलते खसरे का प्रकोप शुरू हो गया है। पुलिस लाइंस में इस समय 150 से अधिक रंगरूट प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह सभी विभिन्न जिलों के हैं। प्रशिक्षण में शामिल तीन रंगरूटों को चार दिन पूर्व बुखार की शिकायत हुई थी। इस पर सभी ने सामान्य बुखार जानकर दवा खाई, मगर कोई लाभ नहीं हुआ। 24 घंटे बाद रंगरूटों के शरीर पर दाने निकल आए। कुछ घंटे के अंतराल में दाने पक गए।
सभी असहनीय पीड़ा की चपेट में थे। इससे सामान्य संक्रमण जानकर इलाज होता रहा, लेकिन दो दिन बीतते-बीतते शनिवार को सुबह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 14 रंगरूट तेज बुखार और शरीर पर दाने निकलने की शिकायत से ग्रसित हो गए। इसके बाद पुलिस लाइंस के अधिकारी सकते में आए। प्रतिसार निरीक्षक जेपी सिंह को मामले की सूचना दी गई।
उन्होंने पीड़ित जवानों की हालत देखकर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुणलाल से संपर्क किया। दोपहर बाद संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम पुलिस लाइंस पहुंची। संक्रामक रोग कक्ष के प्रभारी डॉ. मकबूल की अगुवाई में रंगरूटों का चिकित्सीय परीक्षण किया गया।
इस दौरान सभी के खसरे की चपेट में होने की पुष्टि हुई। खसरे से पीड़ित जवानों को अन्य रंगरूटों से अलग रखने की हिदायत देते हुए चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के मुताबिक अनियमित खानपान, मौसम परिवर्तन के बीच साफ-सफाई में लापरवाही के चलते रंगरूट खसरे की चपेट में आए हैं।
पुलिस लाइंस में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जो 14 रंगरूट खसरे की चपेट में हैं। उनमें विमल कुमार, संदीप सिंह यादव, सुनील कुमार, रवींद्र कुमार, रजनीश कुमार और वीरेंद्र कुमार की हालत नाजुक बताई जा रही है। हालांकि चिकित्सकों का दावा है कि इलाज के बाद स्थिति सुधर जाएगी।