बहराइच। तहसील महसी के अधिवक्ता की एक मुकदमे में पैरवी को लेकर हत्या कर दी गई थी। घटना मेें नामजद अभियुक्त की सोमवार को बहस के दौरान विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने जमानत खारिज कर दी। अभियुक्त जेल मेें है।
एडीजीसी क्रिमिनल सुनील जायसवाल ने बताया कि तहसील महसी के अधिवक्ता पवन कुमार तिवारी एक महिला की ओर से पति के विरुद्ध दर्ज किए गए भरण पोषण के मुकदमे की परैवी कर रहे थे। महिला पति के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाने को लेकर अधिवक्ता पवन पर दबाव बना रही थी। इसी मामले मेें महिला के रिश्तेदार अभियुक्त रविकांत पांडेय अधिवक्ता से नाराज चल रहे थे। अधिवक्ता को फोन पर धमकी भी दी गई थी। एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि 23 सितंबर 2021 की रात अधिवक्ता की हत्या कर शव को संकल्पा मेें आम के पेड़ पर टांग दिया गया था।
घटना के बाद थाना हरदी मेें थाना रामगांव के बभनीचक नेवादा गांव निवासी रविकांत पांडेय के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि सोमवार को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय के न्यायालय पर नामजद अभियुक्त की ओर से पैरवी कर कर रहे अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि अभियुक्त की जमानत याचिका को सुनने के बाद न्यायाधीश ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अभियुक्त जेल मेें है।