स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामेश्वर तिवारी की फाइल फोटो।
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फखरपुर (बहराइच)। खपरवा गांव निवासी 105 वर्षीय वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बुधवार रात को मौत हो गई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन का समाचार पाकर गुरुवार सुबह क्षेत्र के सैकड़ों लोग शोक जताने पहुंच गए। सीओ व तहसीलदार ने पुलिसकर्मियों के साथ सलामी दी। राजकीय सम्मान के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का अंतिम संस्कार किया गया।
फखरपुर थाना अंतर्गत खपरवा गांव निवासी स्वतंत्रा संग्राम सेनानी रामेश्वर तिवारी (105) बीमार चल रहे थे। बुधवार रात को उनका निधन हो गया। निधन का समाचार पाकर क्षेत्र के काफी संख्या में लोग खपरवा गांव पहुंचे। सभी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन पर शोक जताया। मृतक के पुत्र के मुताबिक स्वर्गीय रामेश्वर तिवारी 26 वर्ष की आयु में ही आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। वर्ष 1965 में अंग्रेजों ने उन्हें पहली बार गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके उनकी लड़ाई देश की आजादी के लिए जारी रहा।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन का समाचार पाकर सीओ शंकर प्रसाद, तहसीलदार शिवप्रसाद, थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश त्रिपाठी गांव पहुंचे। सभी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गांव में स्थित श्मशानघाट पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिसकर्मियों ने बंदूकों की सलामी दी। स्तंत्रता संग्राम सेनानी के जिला महामंत्री रमेश तिवारी ने बताया कि मृतक रामेश्वर तिवारी संगठन के जिलाध्यक्ष भी थे। इस दौरान रणवीर सिंह मुन्ना, मंडल अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, सीताराम पांडेय, श्याम जी त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, रोहित अवस्थी, पेशकार यादव, मनोज पांडेय समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।