स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देते चिकित्सक।
- फोटो : स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देते चिकित्सक।
बहराइच। राष्ट्रीय एनआरपी दिवस के अवसर पर रविवार को सुहेल देव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय में नवजात शिशु पुनर्जीवन कार्यक्रम (एनआरपी) का आयोजन किया गया। इसमें 20 प्रतिभागियों ने नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल और पुनर्जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवजात शिशुओं में जन्म के तुरंत बाद उत्पन्न होने वाली गंभीर परिस्थितियों से निपटने की जानकारी दी। शिशुओं की सांस रुकने, ऑक्सीजन की कमी तथा अन्य आपात स्थितियों के प्रबंधन के तरीके सिखाए गए। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने कहा कि एनआरपी प्रशिक्षण स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल को मजबूत बनाएगा। ये नवजात शिशुओं को समय पर बेहतर उपचार देकर मृत्यु दर कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।