चित्तौरा विकास खंड के चिलवरिया में स्थित शिंभावली शुगर मिल।
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बहराइच। चिलवरिया में स्थित शिंभावली शुगर मिल में शुक्रवार देर शाम को पेराई सत्र का समापन हो गया। वहीं इसके लिए 25 फरवरी को मिल के कर्मचारियों की ओर से एनाउंसमेंट कर किसानों से गन्ना मिल पर भेजे जाने की जानकारी दी गई थी। लेकिन गन्ना न मिलने पर मिल का पेराई बंद कर दिया गया है। मालूम हो कि चिलवरिया चीनी मिल पर पुराने सत्र का 44 करोड़ रुपये के साथ नए सत्र का 100 करोड़ रुपया भी बकाया है।
चित्तौरा विकास खंड के चिलवरिया में स्थित शिंभावली शुगर मिल का संचालन 27 नवंबर को पूजन-अर्चन के साथ हुआ था। तब से चीनी मिल का संचालन हो रहा था। लेकिन प्रतिदिन 60 हजार क्विंटल गन्ने की क्षमता वाले मिल में दो दिनों से गन्ना नहीं आ रहा था। इस पर मिल प्रशासन की ओर से 25 फरवरी को एनाउंसमेंट करवाकर किसानों को मिल पर गन्ना भेजे जाने की जानकारी दी गई। काफी कोशिश के बाद मिल पर मात्र 10 क्विंटल गन्ना पहुंचा। जिसकी पेराई शुक्रवार को कर दी गई।
चीनी मिल के जीएम पीएन सिंह ने बताया कि दो बजे मिल को स्टार्ट किया गया था। जितना गन्ना था, उसकी पेराई कर दी गई। जबकि मिल में गन्ना न होने के कारण पेराई सत्र बंद कर दिया गया है। मालूम हो कि चिलवरिया चीनीमिल में बीते सत्र का 44 करोड़ रुपया बकाया है। जबकि नए सत्र का 100 करोड़ रुपया गन्ना किसानों का बकाया हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी शैलेष कुमार मौर्या ने बताया कि चिलवरिया चीनीमिल पर किसानों का 144 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। लगभग 15 दिन पूर्व मिल की ओर से गन्ना किसानों को भुगतान किया गया था। किसानों को बकाया भुगतान करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।