रुपईडीहा निवासी एक मासूम के साथ कस्बे के ही युवक ने वर्ष 2010 में रेप किया। इसके बाद उसकी हत्या करने की कोशिश की। इस मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त छह माह की सजा काटनी होगी।
दीवानी कचहरी के सहायक शासकीय अधिवक्ता क्रिमनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि रुपईडीहा थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी एक महिला ने 14 दिसंबर 2010 को मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी मोहम्मद मुन्ना नाईको नामजद करते हुए पांच वर्षीय बेटी के साथ रेप कर हत्या करने की कोशिश का केस दर्ज कराया था।
मां ने तहरीर में यह भी कहा था कि आरोपी ने बेटी की पिटाई की, जिससे वह बेहोश हो गई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चिकित्सीय परीक्षण में बालिका के साथ रेप की पुष्टि हुई थी।
मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ के न्यायालय पर चल रहा था। बुधवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मुन्ना नाई को मासूम के साथ रेप के मामले में दोष सिद्ध करार देते हुए उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर मुन्ना को छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड अदा करने पर 15 हजार रुपये राशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी।