बहराइच। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष के आवास पर कांग्रेसजन पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अगुवाई में मनाए जा रहे नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती कार्यक्रम को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस प्रशासन ने आचार संहिता के उल्लंघन हवाला देते हुए कार्यक्रम को जबरन रोक दिया। पूर्व मंत्री ने पुलिस प्रशासन की हरकत को शर्मनाक बताते हुए नाराजगी जताई है। इस दौरान पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन व पूर्व कैबिनेट मंत्री रविवार को निजी कार्य से एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जनपद मुख्यालय पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के जिलाध्यक्ष इंजीनियर जेपी मिश्रा के आवास पर पहुंचकर आवास के सभागार में रखे नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित करने की इच्छा जाहिर की। इसी दौरान जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंची पुलिस की टीम ने आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पूर्व कबीना मंत्री को पुष्प अर्पित करने से मना करते हुए उनको कार्यक्रम ऐसा करने के लिए रोक दिया।
इस पर गुस्साए कबीना मंत्री सिद्दीकी ने पुलिस प्रशासन पर पलटवार करते हुए कहा कि आज चुनाव आयोग के नाम पर जिले की पुलिस ने देश की महान विभूति नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को नहीं मनाने दिया। इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है। पुलिस के कृत्य से साबित हो गया है कि सत्ता पक्ष के इशारे पर चुनाव आयोग का डंडा दिखाकर विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम लोग कानून को मानने वाले लोग हैं। कानून के दायरे में ही रहकर कार्य करते हैं, दो सौ से तीन सौ पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कोविड नियमों व चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए नेताजी बोस की जयंती मना रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने जबरन कार्यक्रम को रोक दिया। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।