बहराइच। बहन की बहुत याद आ रही है। पांच-छह दिन हो गए है। उसका फोन नहीं मिल रहा है। मन नहीं माना तो आज घर आया हूं। जीजा जी! बता दीजिए मेरी बहन कहां है। एक बार चेहरा देख लूं। यह दर्द भाई ने अपनी बहन को देखने के लिए अपने जीजा के सामने बयां करना पड़ा। बहन के लिए भाई की आंख में यह प्यार देखकर जीजा ने शर्त रखी कि बता रहा हूं, लेकिन पुलिस केस न करना। वरना नौकरी चली जाएगी। उसके बाद जीजा ने बताया कि घर के बगल में तुम्हारी बहन को दफना दिया हूं। यह सुनते ही भाई के आंख से आंसू निकलने लगे।
शहर के नौव्वागढ़ी निवासी हिमांशी के सिर से मां-बाप का साया बहुत पहले उठ चुका था। कठिन परिस्थितियों में हिमांशी ने अपने जीवन को जीना शुरू किया और 2016 में एक नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिए उसने पवन गुप्ता नाम के युवक से लव मैरिज की। वह अपने पति के साथ घर में अकेली ही रहती थी। हिमांशी को शायद यह नहीं पता था कि बेहतर जिंदगी जीने के लिए उठाया गया यह कदम बस महज छह साल बाद ही घातक साबित हो जाएगा। शादी के बाद हिमांशी का किस्मत बुलंदियों पर रहा और पति पवन को साल 2018 में शिक्षा विभाग में नौकरी मिल गई और वह शिक्षक बन गया। नौकरी मिलने के कुछ साल बाद एक बार फिर से घर में खुशी ने दस्तक दी और बेटी का जन्म हुआ।
बेटी के जन्म होने के बाद सब कुछ ठीक चलता रहा। बताया जाता है कि उसके बाद से दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों में विवाद होने लगा। हिमांशी के भाई का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद वह बदलने लगे और बहन से 10 लाख की नगदी और घरेलू सामान की मांग करने लगे। जिसके बाद से घर में कलह पैदा हुई और विवाद थमने का नाम नहीं लिया। 18 अप्रैल को हिमांशी की मौत हो गई, लेकिन 23 अप्रैल तक यह बात परिवारीजनों को नहीं पता चल सका। जब हिमांशी का फोन लगातार बंद आने लगा तो भाई अपने जीजा के घर पहुंचे। भाइयों के मुताबिक जीजा ने पहले झगड़ा करके सहेली के घर जाने की बात कही। उसके बाद नानपारा में जलाकर मार डालने की बात कही। जब भाइयों ने कहा कि जीजा सही-सही बता दो कि मेरी बहन कहां है। एक बार उसका चेहरा तो देख लूं। तब जाकर जीजा ने बताया कि उसकी बहन ने आत्महत्या कर ली है और वह उसके शव को बगल में खाली पड़े प्लाट में दफना दिया है। पुलिस ने शव को निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई की तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चाचा के पास है हिमांशी की डेढ़ वर्षीय बेटी
थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि दोनों के बीच एक डेढ़ वर्षीय बेटी है। मां की मौत के बाद अब वह अपने चाचा के घर पर है। बताया जा रहा है कि बेटी भी मां के लिए रो रही है। परिवार के लोग किसी तरह उसको संभाले हुए है।
की जा रही आरोपी से पूछताछ
दरगाह थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि पूछताछ में हिरासत में लिया गये आरोपी ने बताया कि पत्नी छह हजार रुपये साड़ी के लिए मांग रही थी। ढाई हजार रुपये दे रहा था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और पत्नी ने फांसी लगा ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी पूछताछ की जा रही है।