बहराइच। अधिवक्ता साथी के साथ एसडीएम द्वारा बदसलूकी का आरोप लगाते हुए वकील 73 दिनों से एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार कर रहें है, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालात यह है कि कार्य बहिष्कार से एसडीएम के कोर्ट पर 800 से अधिक वाद लंबित पड़े हुए हैं। ऐसे में वादकारियों को न्याय कैसे मिले, इसपर सभी ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता प्रमोद तिवारी से एसडीएम पूजा चौधरी द्वारा अभद्रता किए जाने के आरोप में दीवानी न्यायालय व तहसील के अधिवक्ताओं ने 23 अप्रैल को जिला अधिवक्ता संघ की अगुवाई में एसडीएम कोर्ट का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया था। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि एसडीएम द्वारा कलेक्ट्रेट के साथी अधिवक्ता के साथ अभद्रता की गई। इसके अलावा पूर्व में भी एसडीएम की अमर्यादित व्यवहार की शिकायत मिल चुकी है। लेकिन इसके बाद भी एसडीएम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पदाधिकारियों का कहना है कि सभी एसडीएम के स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। वकीलों ने चेतावनी दी थी कि जब तक एसडीएम को स्थानांतरित नहीं किया जाता है, सभी उनके कोर्ट का बहिष्कार जारी रखेंगे। बृहस्पतिवार को एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार का 73वां दिन पूरा हो गया। ऐसे में न्याय पाने की आस लिए वादकारी एसडीएम सदर के न्यायालय का चक्कर काट रहें हैं, लेकिन हर बार उनको मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। प्रशासन मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है।
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800 से अधिक मामले लंबित
एसडीएम सदर की कोर्ट में दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, भूमि पैमाइश समेत करीब 800 से अधिक फौजदारी व राजस्व के वाद लंबित हैं। जबकि वकीलों की हड़ताल के दौरान प्रतिदिन 25 से 30 नए वाद कोर्ट में पेश होने के लिए आ रहे हैं। जिन्हें हड़ताल के चलते कोर्ट में दाखिल नहीं किया जा रहा है। वादकारी परेशान हैं, लेकिन वकीलों की मांग पर न ही एसडीएम को हटाया जा रहा है और न ही प्रशासन द्वारा कोई सार्थक पहल करने की कोशिश की जा रही है।