बहराइच। काला नमक धान की खास किस्म किरण-2 की फसल जिले में तैयार होगी। इसके लिए 50 हेक्टेयर में नया क्लस्टर बनाया गया है। पयागपुर के हटवा हरदासपुर में बनाए गए इस क्लस्टर में चित्तौरा व हुजुरपुर के 250 किसान शामिल किए गए हैं। फसल तैयार होने के बाद एपीडा इसे ब्रांड के रूप में बाजार में उतारेगा।
जिले में मिहींपुरवा, नानपारा, कैसरगंज व पयागपुर की मिट्टी धान उत्पादन के लिए बेहतर बताई जा रही है, लेकिन यहां हाईब्रिड धान के साथ कुछ स्थानों पर सांभा मंसूरी का उत्पादन किया जाता है। मृदा परीक्षण के बाद यह पता चला की पयागपुर के चिलवरिया क्षेत्र की मिट्टी काला नमक चावल के लिए ज्यादा बेहतर है। इसीलिए इस क्षेत्र को काला नमक उत्पादन के लिए क्लस्टर बनाया गया है।
चित्तौरा व हुजुरपुर ब्लॉक का बॉर्डर होने के कारण यहां के किसानों को भी इस क्लस्टर में शामिल किया गया है। इस क्लस्टर में 50 हेक्टेअर भूमि जोड़ा गया है। इसमें करीब 250 किसान एकसाथ केवल काला नमक धान की ही खेती करेंगे। इसके लिए किरण 2 प्रजाति का चयन किया गया है। यह नई प्रजाति है, जिसमें महक ज्यादा है। इसके लिए सुहेलदेव फार्मर प्रोड्यूसर एफपीओ को नोडल बनाया गया है।
किसान नेचुरल बनेगा ब्रांड
धान का उत्पादन होने पर गांव में ही इसका चावल बनाने के तैयारी है। इस चावल को किसान नेचुरल ब्रांड के नाम से बाजार में उतारा जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मशीन खरीदने की तैयारी चल रही है।
एपीडा देगा बाजार व अनुदान
कृषि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) काला नमक के इस उत्पाद को अपना सहयोग दे रहा है। धान तैयार हो जाने के बाद किसानों को अनुदान के साथ ही बाजार भी तैयार करके देगा।
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यह इस जिले में नया प्रयोग है। एक क्लस्टर बनाकर काला नमक धान का उत्पादन करने की तैयारी है। उत्पादित धान को गांव में ही प्रसंस्कृत करके चावल बनाया जाएगा। इसे ब्रांड बनाकर बाजार में उतारा जाएगा। -शिशिर वर्मा, उप निदेशक कृषि