बिछिया (बहराइच)। 551 वर्ग किलोमीटर में फैला कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में स्थित गिरिजा बैराज अब बदला-बदला नजर आएगा। इसके सौंदर्यीकरण के लिए छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शासन से मंजूरी मिल चुकी है। हरियाली को बरकरार रखने के लिए चारों ओर पौधरोपण भी किए जाएंगे। स्लोप पर पशु-पशुओं का चित्रण भी किया जाएगा। सौंदर्यीकरण के बाद यह स्थल पर्यटकों को रोमांचित करेगा। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।
गिरिजा बैराज का निर्माण 1975 मे हुआ था। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण संरचना है। जिसके द्वारा इस बैराज मे कुल 35 गेट हैं। इसमें नहरों में पानी देने के लिए दो हेड रेगुलेटर बनाए गए हैं। दाएं हेड रेगुलेटर (शारदा सहायक योजक नहर) से 16 जिलों को पानी दिया जाता है। वही बाएं हेड रेगुलेटर (सरयू योजक नहर) से छह जिलों को सिंचाई की सुविधा प्रदान की जाती है। दाएं हेड रेगुलेटर मे 14 गेट एवं बाएं रेगुलेटर मे छह गेट हैं।
गिरिजा बैराज में दो गाइड बांध दायां व बायां बनाए गए हैं। इसी गाइड बांध पर इंटरलॉकिंग लगाई जाएगी। अपस्ट्रीम व डाउन स्ट्रीम में दोनों गाइड बांधों पर टाइल्स लगाई जाएंगी। दोनों साइड में एमएस रेलिंग लगाई जाएगी। जिसमें 50 सेंटीमीटर ऊंचाई मे धवलपुर स्टोन और इसके ऊपर एमएस रेलिंग लगाई जाएगी। जिसमें दस-दस मीटर पर सुंदरीकरण के लिए पौधे लगाए जाएंगे। स्लोप पर विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों का चित्रण भी किया जाएगा। जो बैराज पर घूमने आने वाले सैलानियों को काफी रोमांचित करेगी। बैराज के सभी पूर्व में बने रेलिंग एवं पियरो की पेंटिंग व मरम्मत की जाएगी। गाइड बांधों पर लगाई गई रेलिंग पर तीन मीटर के अंतराल पर 16 सोलर लाइट लगाने की व्यवस्था होगी।
जंगली जानवर देखकर रोमांचित होते हैं पर्यटक
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। यहां पर आने वाले पर्यटकों की पहली इच्छा होती है कि उन्हें बाघ दिख जाए। हालांकि कई ऐसे पर्यटक हैं जिनको बाघ का दीदार करने का मौका मिल चुका है। जंगल में हाथी, गैंडा, तेंदुआ समेत अन्य जानवर देखकर पर्यटक रोमांचित होते रहते हैं।
महत्वपूर्ण संरचना है गिरिजा बैराज
बैराज की सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के लिए छह करोड़ का अनुमोदन शासन से हुआ है। गिरिजा बैराज पर स्थापित डाउन स्टीम बाएं एवं दाएं गाइड बांध के क्षतिग्रस्त सीसी ब्लॉक की पुनर्स्थापना एवं इसके सौंदर्यीकरण के लिए एनएस रेलिंग, क्लोरिंग पेंटिंग व सोलर लाइटिंग कार्य की परियोजना शासन द्वारा अनुमोदित हुई है। गिरिजा बैराज पूर्वी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण संरचना है। जिसके द्वारा उत्तर प्रदेश के 22 जिलों को पानी पहुंचता है। -संतराम वर्मा, प्रभारी घाघरा बैराज