बहराइच। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अब कार्बाइड से फल पकाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। शासन के निर्देश पर जिले में फल पकाने वाले चैंबरों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। जांच के दौरान अगर कोई भी चैंबर बिना लाइसेंस व फलों को कार्बाइड से पकाते हुए मिला तो उसके खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
शासन की ओर से अभी हाल ही में फल पकाने वाले चैंबर संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग से संबद्ध कर दिया गया है। चैंबर संचालक अब विभाग से बिना लाइसेंस के चैंबर का संचालन भी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा चैंबर संचालकों को प्रतिबंधित कार्बाइड से फल पकाना भी काफी मंहगा पड़ सकता है। शासन का मानना है कि कार्बाइड में हानिकारक तत्व होने के चलते इससे पकाने के बाद फलों में कई हानिकारक तत्व पैदा हो जाते हैं जिससे कैंसर तक होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए कार्बाइड के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है।
शासन के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग इस पर सख्ती के साथ अंकुश लगाने की तैयारी में जुट गया है। विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षाधिकारियों की अगुवाई में टीम का गठन कर सभी को अपने-अपने क्षेत्र में फल पकाने वालों को चिह्नित कर उनके लाइसेंस की जांच करने के निर्देश दिए गये हैं। जांच के दौरान टीम फल पकाने की प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट शासन को भेजेगी।
अभियान के दौरान अगर कोई फल पकाने वाला चैंबर संचालक कार्बाइड जैसे हानिकारक तत्व का प्रयोग करता हुआ मिलेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए चैंबर को सील कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत अगर फल पकाने वाला कोई चैंबर संचालक कार्बाइड का प्रयोग करते हुए मिलेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चैंबर संचालकों को विभाग से लाइसेंस लेना भी अनिवार्य है।
-विनोद कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त, खाद्य द्वितीय