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बच्चों के हाथों में किताब की जगह थमाया फावड़ा

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खैरीघाट (बहराइच)। विकास खंड शिवपुर क्षेत्र में संचालित मनरेगा योजना के कार्यों में दर्जनों की संख्या में बाल श्रमिकों से कार्य लिया जा रहा है। बच्चों के हाथों में किताबों के स्थान पर फावड़ा थमाते हुए उनसे भीषण गर्मी में कार्य कराया जा रहा है। इन बच्चों में कई बच्चे प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में अध्ययनरत भी हैं। बाल श्रम पर अंकुश लगाने के जिम्मेदार इस ओर से आंखें मूंदे हैं।
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जिस उम्र में बच्चे पढ़ाई-लिखाई करते हैं या खेलकूद का अभ्यास करते हैं उस उम्र में विकास खंड शिवपुर में बच्चे मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में फावड़ा लिए मिट्टी खोदते नजर आ रहे हैं। एक तरह जहां सरकार प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करते हुए बच्चों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण ग्रामीण अंचलों में बाल श्रम पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
वर्तमान समय में विकास खंड शिवपुर क्षेत्र के पिपरी माफी ग्राम पंचायत में सड़क पर मिट्टी पटाई के काम में एक दर्जन से अधिक बच्चों से कार्य कराया जा रहा है। सुबह से शाम तक बच्चे यहां करते दिखाई देते हैं, लेकिन बाल श्रम पर अंकुश लगाने के जिम्मेदारों की नजरें इस ओर नहीं जा रही हैं। सरकार की ओर से बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है, लेकिन यहां बच्चों से कार्य कराने वाले लोगों में कोई डर नहीं दिख रहा।
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मौके पर कार्य कर रहे कई बच्चों ने बताया कि उनके परिजनों का जॉब कार्ड बना हुआ है। वह परिजनों के स्थान पर कार्य कर रहे हैं। उनकी मजदूरी का पैसा उनके परिजनों के खाते में जाता है। वहीं कुछ ने अपना जॉब कार्ड बने होने की भी बात कही।
इस संबंध में विभाग से स्पष्टीकरण मांगकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा में नाबालिग बच्चों से काम कराना नियम विरुद्ध व अवैध है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
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केडी गोस्वामी, डीसी मनरेगा।
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