बहराइच। थाना मोतीपुर के लौकाही गांव के एक 24 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम ने आरोपी को दोषी मानते हुए आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गयी है। जेल की सजा के साथ ही आरोपी पर 30 हजार रुपया का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीशचंद्र शुक्ला ने बताया कि वादी मुकदमा ने 11 अगस्त 1998 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी भतीजी अपनी छोटी बहन के साथ पिता को खाना देने के लिए खेत पर जा रही थी। इसी दौरान थाना मोतीपुर के लौकाही गांव निवासी भगोले पुत्र सरफराज ने रास्ते में भतीजी को रोककर उसके साथ जबरन दुराचार की घटना को अंजाम दिया। साथ गयी पीड़िता की बहन ने भागते हुए गांव वालों से घटना की जानकारी दी।
गांव के लोगों के मौके पर पंहुचने से पहले ही भगोले घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया था। उन्होंने बताया मामला 24 वर्षों से लंबित चल रहा था। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम नितिन पांडेय ने वाद की सुनवाई के बाद सोमवार को अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी भगोले को दोषसिद्ध मानते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।