बहराइच। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी कामिल व फाजिल की परीक्षा शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले को चार सेक्टरों में बांटा गया है। संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों को सेक्टर मजिस्ट्रेट व प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर राजपत्रित अधिकारियों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। नकल विहीन परीक्षा के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में तीन सचल दलों का गठन किया गया है। पूरी परीक्षा पर नजर रखने व सकुशल संपन्न करवाने के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी को नोडल बनाया गया है। साथ ही परीक्षा वाली तहसीलों के एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्र ने बताया की शनिवार से शुरू हो रही कामिल व फाजिल की परीक्षा के लिए जिले के 11 मदरसों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां 2462 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसी परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र पर फोटो गलत प्रदर्शित हो रहा है तो सही फोटो चस्पा करते हुए मदरसे के प्रधानाचार्य व मुझसे सत्यापित करवाना होगा। प्रवेश पत्र खोने की स्थिति में परीक्षार्थी से लिखित अनुबंध पत्र लेकर ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, अगली परीक्षा से पहले परीक्षार्थी को प्रधानाचार्य से प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति लेनी होगी। परीक्षा के दौरान अगर केंद्र व्यवस्थापक या सहायक केंद्र व्यवस्थापक लापरवाही बरतते पाए जाएंगे तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संजय मिश्र ने बताया कि परीक्षा अवधि में मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर परीक्षार्थियों की गहन तलाशी के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा व्यवस्था से जुडे़ व्यक्तियों के अतिरिक्त किसी का भी प्रवेश वर्जित रहेगा। वहीं, परीक्षा की फोटोग्राफी भी वर्जित रहेगी। किसी भी परीक्षा केंद्र पर ताला नहीं लगा होना चाहिए। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व गोपनीयता की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी। केंद्र व्यवस्थापकों को अपनी आईडी से मदरसा पोर्टल पर परीक्षा से संबंधित अनुपस्थिति का डेटा भरना होगा।