रुपईडीहा(बहराइच)। भारत-नेपाल बॉर्डर पर स्थित रुपईडीहा में बिजली की भीषण कटौती से क्षेत्रवासी परेशान हैं। क्षेत्र में रोस्टर की आधी बिजली भी नहीं मिल पा रही है जिससे आम नागरिकों समेत व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नेपाल से आने वाले विदेशी नागरिकों के सामने भी किरकिरी हो रही है। बार्डर के उस पार नेपाल के बांके में शाम को जगमग दूधिया रोशनी दिखती है तो बॉर्डर के इस पार रुपईडीहा में घुप्प अंधेरा स्वागत करता है।
भीषण गर्मी के बीच रुपईडीहा कस्बे व आसपास के ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गई है। चिपचिपी गर्मी के बीच दिन व रात में हो रही बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। ऐसा तब है जब अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के नाते रुपईडीहा कस्बा नेपाली ग्राहकों से गुलजार रहता है। आलम यह है कि नेपाल से आने वाले ग्राहकों को दुकानदारों से विद्युत आपूर्ति को लेकर चुटकी लेते भी सुना जा रहा है।
बताते चलें कि नेपाल के बांके में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति रहती है और बॉर्डर के उस पार नेपाली सीमा में स्ट्रीट लाइट व सोडियम लाइट प्रकाश देती दिखाई देती हैं जबकि भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते ही अंधेरे की चादर घेर लेती है। ऐसा तब है जबकि बीए, बीकॉम व बीएससी की परीक्षा चल रही है और एमए की परीक्षा तिथियों की घोषणा कर दी गई है। इस संबंध में विद्युत विभाग के अभियंता सीडी गुप्ता ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 21 व ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे आपूर्ति का रोस्टर है, लेकिन आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए रोस्टर के समय में भी आधी ही बिजली मिल पाती है।
बिजली विभाग की ओर से जारी अघोषित कटौती से बॉर्डर पर किरिकिरी हो रही है। एक ओर जहां नेपाल में शाम को प्रकाश रहता है तो वहीं रुपईडीहा में अंधेरा रहता है। विभाग को बॉर्डर पर विद्युत आपूर्ति सही रखनी चाहिए ताकि विदेशी सैलानियों के सामने अच्छी छवि बने।
डॉ. उमाकांत वैश्य, जिला सहसंयोजक, चिकित्सा प्रकोष्ठ, भाजपा
अप्रैल माह के अंत में ही गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखा दिया है। सूरज की तपिश के बीच दिनभर आंख मिचौली कर रही बिजली से परेशानियां बहुत बढ़ गईं हैं। दिनभर हर आधे-एक घंटे पर हो रही बिजली कटौती ने परेशान कर दिया है।
डॉ. सनत कुमार शर्मा, समाजसेवी
व्यापारी वर्ग कॉमर्शियल कनेक्शन लेकर अच्छी बिजली आपूर्ति की आस लगाता है, लेकिन वर्तमान में विद्युत विभाग रोस्टर की आधी आपूर्ति भी नहीं दे रहा है। इसके चलते व्यापार प्रभावित हो रहा है और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अनिल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष, व्यापार मंडल
विद्युत विभाग रात में भी भारी बिजली कटौती कर रहा है। इससे रात में चोरों का डर बना रहता है। वहीं जेनरेटर चलाने के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बदहाल होने से शुद्ध पेयजल मिलना भी कठिन हो रहा है।
- सुशील बंसल, व्यापारी