बहराइच । जर्जर हालत में स्कूली बसों का संचालन करने वाले शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ अब डीएम सख्त हुए हैं। डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की और शिक्षण संस्थाओं को सख्त निर्देश दिया कि अधोमानक वाहनों का संचालन होता मिलने पर संबंधित शिक्षण संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। नौनिहालों की जिंदगी से खेल रहे संचालक शीर्षक से अमर उजाला ने बीते 24 अप्रैल को खबर प्रकाशित की थी। इसमें शिक्षण संस्थाओं की लापरवाही को उजागर किया गया था।
खबर छपने के बाद पहले एआरटीओ हरकत में आए और अब डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने एसपी केशव चौधरी के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक की। डीएम ने शिक्षण संस्थाओं को सख्त हिदायत दी कि बच्चों के परिवहन में लगे वाहन मानक के अनुसार बिल्कुल फिट होने चाहिए। वाहन चालकों व वाहनों पर तैनात अन्य स्टाफ का सत्यापन भी कराया जाए। डीएम ने बैठक में मौजूद शिक्षण संस्थाओं के जिम्मेदारों को बताया कि राज्य सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि स्व. वित्त पोषित विद्यालय एवं सभी बोर्डों के विद्यालय छात्रों के संरक्षकों से परामर्श बिना ही शुल्क वृद्धि कर रहे है। यह स्थिति लोकहित में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच होगी।