फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जीवाड़े में पंचायत सचिव समेत तीन पर होगा मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच व शिकायतों के निस्तारण के लिए नियुक्त मनरेगा लोकपाल की जांच में कैसरगंज ब्लॉक के मरौठी गांव में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरौठी के ग्राम प्रधान ने सचिव के साथ मिलीभगत कर एक ही योजना के लिए दो-दो बार पैसे निकाल लिए। यही नहीं भूमिहीन किसान के नाम जमीन दिखाकर फर्जी तरीके से वृक्षारोपण के नाम पर ढाई लाख रुपये डकार लिए गए। शिकायत के बाद जांचकर मनरेगा लोकपाल उमेश कुमार तिवारी ने संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक पर मुकदमा दर्ज कर 7.05 लाख रुपये की रिकवरी का निर्देश जारी किया है।
विज्ञापन

कैसरगंज ब्लॉक के मरौठी गांव निवासी सईद मलिक ने मनरेगा लोकपाल को शिकायती पत्र देकर गांव में वित्तीय अनियमितता की शिकायत की थी। मनरेगा लोकपाल ने शिकायत के आधार पर मौका मुआयना कर मामले की जांच की। लोकपाल उमेश तिवारी ने बताया कि जांच में ग्रामीण सागर के खेत से खड़ंजा तक चकबंध निर्माण पर पूर्व प्रधान की ओर से 59330 रुपये खर्च किए गए। इसके बाद दोबारा 1.11 लाख रुपये निकालने की शिकायत सही पाई गई।
यही नहीं रानीगंज की डामर रोड से रियाजू के खेत तक चकबंध निर्माण कार्य का भी नाम बदलकर फर्जी तरीके से दो बार पैसा निकालना पाया गया। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार इंटरलॉकिंग कार्य में भी फर्जी तरीके से कागजों में अधिक कार्य दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट करना पाया गया। गांव निवासी राम प्रसाद, लईक अहमद व रशीद के सोकपिट के नाम पर कागजों पर 60 हजार रुपये निकाले गए जबकि मौके पर किसी के यहां सोकपिट निर्माण नहीं मिला। उन्होंने बताया इसी प्रकार कई अन्य वित्तीय फर्जीवाड़े पाए गए। इसके बाद ग्राम प्रधान रहनुमा खातून, पंचायत सचिव अंकुर श्रीवास्तव व तकनीकी सहायक शिवभास्कर के खिलाफ कैसरगंज थाने में एफआईआर लिखने व तीनों से सात लाख पांच हजार रुपये की रिकवरी कर राजकीय कोष में जमा करवाने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

लोकपाल उमेश तिवारी ने बताया कि गांव में वित्तीय फर्जीवाड़ा इस कदर हुआ है कि भूमिहीन किसान के नाम पर पौधरोपण दिखाकर सरकारी धन का गबन कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गांव में शमशुद्दीन, प्रेमलाल, हुसैन, प्रदीप व रहीमा के खेत में पौधरोपण का कार्य दिखाकर 287200 लाख रुपये खर्च किए गए हैं जबकि हुसैन भूमिहीन है। इसके अलावा किसी के भी खेत में वृक्षारोपण का कार्य होना नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि साथ ही बिना प्रधानमंत्री आवास के ही फर्जी तरीके से 138360 रुपये निकाल लिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें