बहराइच। विधानसभा चुनाव में होमगार्डों को ब्लॉक स्तर पर लाने-ले जाने के लिए लगाई गईं 10 बसों से डीजल चोरी के मामले का खुलासा हुआ है। बसों के चालकों ने अधिक किलोमीटर दर्शाकर जमकर भ्रष्टाचार का खेल खेला। मामले में रोडवेज प्रशासन की ओर से सर्वप्रथम चालकों को रूट ऑफ करते हुए डीजल पटल पर तैनात एक बाबू को निलंबित कर दिया गया, लेकिन जब मामला काफी गंभीर होने लगा तो एआरएम ने गुपचुप तरीके से आनन-फानन में चालकों को बर्खास्त करते हुए रोडवेज बस अड्डे के पूछताछ केंद्र के पास नोटिस चस्पा कर पल्ला झाड़ लिया।
जिले के रोडवेज बस अड्डे पर भ्रष्टाचार का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। लॉकडाउन के दौरान वर्ष 2020 के जून माह में श्रमिकों को लाने के नाम पर डीजल चोरी का मामला प्रकाश में आया था। अब विधानसभा चुनाव में बसें भेजने के नाम पर हजारों रुपये की डीजल चोरी का मामला प्रकाश में आया है। मालूम हो कि फरवरी माह में 10 बसों को होमगार्डों को ब्लॉक स्तर पर भेजने के लिए पुलिस लाइन भेजा गया था। होमगार्डों को लाने-ले जाने में चालकों की ओर से किलोमीटर दर्शाने में जमकर हेराफेरी की गई, जबकि जनपद की सीमा के अंदर डेढ़ सौ किलोमीटर से ज्यादा बसों का संचालन संभव ही नहीं हो सकता। हालात ये रहे कि चालकों की ओर से बसों में 95 या 135 लीटर से अधिक डीजल लेकर जमकर हेराफेरी का खेल खेला गया।
अब सवाल यह उठता है कि जब बसों का संचालन बसों में भरवाए गए डीजल के सापेक्ष नहीं पाया गया तो आखिर बचा हुआ डीजल कहां गया? मामले का खुलासा होने पर एआरएम ने पहले डीजल पटल पर तैनात बाबू भागीरथी को निलंबित करते हुए दस बसों के चालकों को रूट ऑफ का फरमान सुनाया। बाद में मामला बढ़ता देख एआरएम ने आनन-फानन में जांच कराकर सभी चालकों पर डीजल की हेराफेरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनकी प्रतिभूति धनराशि जब्तकर सेवा से बर्खास्त कर दिया । एआरएम ने चालकों को नोटिस थमाने के बजाए बस अड्डे के परिसर में नोटिस चस्पा करा दिया। बाद में आरोपियों ने इसे फाड़ दिया। हालांकि, बर्खास्त चालक एआरएम की कार्रवाई को पूरी तरह निराधार व गलत बता रहे हैं। एआरएम ने जब चालकों की ओर से लॉगबुक में दर्शाए गए किलोमीटर आदि के बारे में वरिष्ठ केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट व संबंधित होमगार्डों से किलोमीटर की जानकारी प्राप्त की तो इसमें काफी भिन्नता पाई गई। वहीं, चालकों के अनुसार, वाहन का संचालन 820 किलोमीटर किया गया । इसी तरह प्रत्येक बस चालक द्वारा बताए गए किलोमीटर व वरिष्ठ केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट में भी काफी भिन्नता पाई गई।
दस बसों के संविदा चालकों ने डीजल की हेराफेरी के मामले में बर्खास्त किया गया है। मामले में जांच कराई गई थी। जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
- मोहम्मद इरफान, एआरएम