बहराइच। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा तमिलनाडु में संगठन के कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाते हुए विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु में धर्म परिवर्तन के दबाव से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली छात्रा को भी न्याय दिलाने की मांग की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से तहसील पयागपुर, जिला मुख्यालय स्थित महिला पीजी कॉलेज व किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय पर प्रदर्शन किया गया। संगठन की ओर से तमिलनाडु में संगठन के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने व उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने का भी विरोध किया गया। संगठन की पदाधिकारी नित्या पाठक ने कहा कि तमिलनाडु में छात्रा लावण्या पर दो वर्षों तक धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। न मानने पर छात्रा का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया गया जिससे तंग आकर उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
मामले की मुख्य आरोपी नन सागया मेरी के जेल से बाहर आने पर स्थानीय विधायक ने उनका सम्मान किया जो सत्तारूढ़ दल की असंवेदनशीलता का प्रतीक है। बीती 14 फरवरी को तमिलनाडु में संगठन के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया तो उनके साथ अपमानजनक व्यवहार कर फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। तमिलनाडु सरकार ने शीघ्र ही रवैया न बदला तो पूरे देश में संगठन की ओर से आंदोलन चलाया जाएगा। इस अवसर पर केडीसी इकाई की अध्यक्ष पूजा गौड़, ममता तिवारी, रुचि मिश्रा, प्रशांत त्रिपाठी, मयंक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।