बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर आयोजित चार दिवसीय उर्स के अंतिम दिन बुधवार को कुल शरीफ में देश के कई राज्यों से आए जायरीन ने शिरकत की। कुल शरीफ में अकीदतमंदों ने कुरान शरीफ की तिलावत की और फातिहा पढ़कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
सैयद सालान मसऊद गाजी की दरगाह पर 1019 वें उर्स में बुधवार को अंतिम दिन कुल शरीफ में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा रहा। गाजी मियां का उर्स मुबारक चार दिवसीय रहा। 11 रजब से शुरू हुए उर्स में कुरानख्वानी के साथ शुरुआत हुई थी। इस दिन परचमकुसाई के साथ-साथ खादिमों की दस्तारबंदी व कव्वाली का दौर चला। इसके बाद नातिया मुशायरे का भी आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों का तकरीरी मुकाबला भी हुआ। कार्यक्रम में लगातार उलमा की तकरीर होती रही। बीच में पैरहम शरीफ (यह साल में एक ही दिन होता है) में जियारत करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
उर्स में अंतिम दिन गाजी मियां के कुल शरीफ में शामिल होने के लिए जायरीन दूसरे राज्यों से कई दिन पहले से ही आना शुरू हो गए थे। बुधवार सुबह अकीदतमदों ने कुरान शरीफ की तिलावत की, पारा पढ़ा व गाजी मियां की चौखट पर मौजूद रहे। कुल शरीफ की तकरीब मौलाना मोइनुद्दीन कादरी की अध्यक्षता में शुरू हुई जिसमें बैरूनी उलमायेकराम में मौलाना निजामुद्दीन, मौलाना एजाज अहमद कश्मीरी, मौलाना शोएब अहमद निजामी व मौलाना अली हरान अलहरी ने तकरीर की।
इसके अलावा मुकामी उलमायेकराम मौलाना गुल मोहम्मद, मौलाना अब्दुल अजीज, मौलाना मुफ्ती वारिस अली, मौलाना शारिक, मौलाना जहीरुल कादरी व मौलाना इनामुद्दीन ने गाजी मियां की शान में नात व मनकतब का नजराना पेश किया। कुल का समापन दरगाह शरीफ शाही मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना अरशदुल कादरी की जामे दोआ व सलातो सलाम से संपन्न हुआ। इस दौरान दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद श्मशाद अहमद की रहनुमाई में चल रहे कार्यक्रम में बकाउल्ला नायब सदर, दिलशाद अहमद, अजमतउल्ला गिरदावर, अब्दुल रहमान, जमील अहमद फारूखी, मो. वसीम मेकरानी, मकसूद अहमद रायनी आदि मौजूद रहे।