बहराइच। धान खरीद को लेकर शासन स्तर पर नई व्यवस्था लागू की गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को सिर्फ 60 क्विंटल का टोकन जारी किया जा रहा है। नई व्यवस्था के चलते जिले के लगभग 40 प्रतिशत बड़ी जोतों वाले किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों को अब धान बिक्री के लिए अतिरिक्त भाड़ा वहन करना पड़ेगा। साथ ही कई प्रगतिशील किसान जो 300 से 400 क्विंटल की उपज करते थे उन्हें अपनी उपज बेचने में महीनों लग जाएंगे।
शासन की ओर से छोटी जोतों के किसानों को लाभ देने की बात कहकर एक दिन में एक किसान से 60 क्विंटल की खरीद निर्धारित की गई है, लेकिन शासन का यह फैसला बड़ी जोत के किसानों व प्रगतिशील किसानों के गले की फांस बन गया है। इस नए फैसले से जिले के लगभग 40 प्रतिशत ऐसे किसान प्रभावित हुए हैं, जिनके पास 15 बीघे से अधिक खेत है और वे 60 क्विंटल से अधिक की पैदावार करते हैं। नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को एक दिन में 60 क्विंटल धान बिक्री का टोकन जारी होता है। वहीं यह टोकन मात्र दो दिनों में ही खत्म भी हो जाएगा।
वे किसान जिन्हें 60 क्विंटल से अधिक धान बेचना है वे पहले 60 क्विंटल की बिक्री के लिए टोकन लेंगे और फिर आठ दिन बाद उन्हें दोबारा 60 क्विंटल अतिरिक्त धान बिक्री के लिए टोकन लेना होगा जिसके चलते किसानों को कई बार ग्राहक सेवा केंद्रों पर टोकन के लिए दौड़ लगानी पड़ेगी साथ ही जो किसान भाड़े पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लाते हैं उन्हें दोगुना किराया भी देना पड़ेगा। पूर्व में धान बिक्री के लिए कोई लिमिट नहीं थी, जिसके चलते जिन किसानों की उपज 80 से 90 क्विंटल के बीच होती थी वे आसानी से एक बार में ही अपनी उपज बेंच देते थे।
चित्तौरा ब्लॉक के अलिया बुलबुल निवासी किसान शशांक सिंह ने बताया कि वह 300 से 400 क्विंटल धान पैदा करते हैं। नई व्यवस्था के चलते अब उन्हें लगभग डेढ़ महीने से ज्यादा लग जाएगा उपज बेचने में जिससे भारी परेशानी होगी। खैरा हसन निवासी किसान रामकुबेर वर्मा ने बताया कि वे हर वर्ष 300 क्विंटल से अधिक धान बेचते हैं। नई व्यवस्था के तहत अब हर हफ्ते टोकन लेना पड़ेगा जो मुमकिन नहीं है। धरसवां निवासी किसान जनाब अली ने बताया कि वे मेहनत कर बेहतर उपज पैदा करते हैं। इस बार लगभग 300-400 क्विंटल धान बेचना था, लेकिन लगता है कि धान नहीं बिक पाएगा।
छोटे किसानों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन केवल 60 क्विंटल बिक्री का टोकन जारी हो रहा है। इस व्यवस्था से छोटी जोत के किसानों को फायदा होगा। अधिक बिक्री करने वाले किसान आठ दिन बाद दोबारा टोकन लेकर अपनी उपज बेंचें।
- संजीव सिंह, डिप्टी आरएमओ
बहराइच। टोकन प्रणाली की ऑनलाइन व्यवस्था से उपजी दुश्वारियों को लेकर यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज ऑफीसर्स एसोसिएशन के बैनर तले विपणन निरीक्षक हड़ताल पर रहे। विपणन निरीक्षकों की हड़ताल के चलते जिलेभर में लगभग 8000 क्विंटल धान की तौल प्रभावित हुई।
यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष देवेन द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर हड़ताल की गई है जो अग्रिम आदेश तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के चलते विपणन निरीक्षकों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। चंदौली के डिप्टी आरएमओ के साथ कुछ लोगों ने अभद्रता की। उन्होंने बताया कि संभागीय खाद्य नियंत्रक को मांग पत्र भेजकर धान बिक्री की ऑनलाइन बाधाओं को दूर करने, कोविड को देखते हुए ई-पॉप मशीन पर केंद्र प्रभारियों के अंगूठे लगाने की व्यवस्था बंद करने, विपणन निरीक्षकों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने, बूस्टर डोज लगवाने, कैशलेस इलाज व कोविड से मौत होने पर 50 लाख का बीमा कवर देने की मांग की गई है।