बहराइच। दो दिन से चल रही तेज बर्फीली हवाओं ने तराई में ठंड बढ़ा दी है। ठंड का सीधा असर बच्चों पर देखने को मिला है। ठंड के चलते मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले दो दिनों के भीतर जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में कोल्ड डायरिया, सर्दी व खांसी से पीड़ित 35 बच्चों को भर्ती कराया गया है। इनमें सात बच्चों का इलाज पीआईसीयू में किया जा रहा है।
सर्द पछुआ हवाओं के चलने से पिछले दो दिनों में तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली है। रविवार रात तापमान 6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। तापमान में गिरावट के साथ ही जिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोगियों की संख्या बढ़ गई है। रविवार से पहले जहां बाल रोग विभाग में बेड खाली देखे जा रहे थे, वहीं सोमवार को अधिकांश बेडों पर बच्चे भर्ती मिले। रविवार को बाल रोग विभाग में 18 बच्चे कोल्ड डायरिया, सर्दी-जुकाम आदि के चलते भर्ती हुए थे। सोमवार को दोपहर तक सर्दी से पीड़ित 10 बच्चे भर्ती हो चुके थे। वार्ड प्रभारी सुमन ने बताया कि सोमवार को हिना, आफरीन, अर्जुन, वंश, संध्या, मोहित, सिदरा, अरविंद, अंशू व आलिया को भर्ती किया गया है।
बाल रोग विभाग की क्रिटिकल केयर यूनिट में दो दिन में सात बच्चे भर्ती हुए हैं। सोमवार को डायरिया व निमोनिया से पीड़ित एक माह के समीर पुत्र रिजवान, आठ माह की शिवानी पुत्री बेनी प्रसाद व 12 वर्षीय सय्यूब पुत्र मोहम्मद मुस्लिम को भर्ती करवाया गया है। वार्ड प्रभारी साधना सिंह ने बताया कि सभी बच्चे खांसी, जकड़न, बुखार आदि से पीड़ित हैं।
ठंड बढ़ने से बच्चों में कोल्ड डायरिया के साथ निमोनिया हो रहा है। ऐसे में अभिभावक छोटे बच्चों को फुल कपड़े पहनाएं। धुएं से बच्चों का बचाब करें। अभिभावक पूरी सर्दी के दौरान घर पर जीवन रक्षक घोल रखें और मां का दूध ही बच्चों को दें।
डॉ. भरत सिंह, सीनियर रेजिडेंट, बाल रोग विभाग