बहराइच। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सोमवार को किसान महाविद्यालय पर दोबारा फीस लेने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया और प्रदर्शन किया। परिषद ने दोबारा फीस न लेने की मांग की और इकाई मंत्री आयुष्मान सिंह के नेतृत्व में किसान पीजी कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। अभाविप ने चेतावनी दी है कि मांग न पूरी होने पर आंदोलन किया जाएगा।
अभाविप के इकाई उपाध्यक्ष वरदान शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2021-22 में स्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों से पूर्व में ही परीक्षा शुल्क 800 रुपये लिया गया था, लेकिन जब छात्र परीक्षा फॉर्म भरने जा रहा है तो 1050 रुपये ऑनलाइन फीस मांगी जा रही है। एक ही मद में दो-दो बार शुल्क लेना मध्यम वर्गीय छात्रों पर अधिक बोझ डालेगा।
महाविद्यालय प्रबंधन का यह रवैया घोर निंदनीय है, इसको तत्काल वापस लिया जाए। अन्यथा अभाविप उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी छात्रों से दो-दो बार फीस वसूली करने वालों की होगी। इस मौके पर विभाग संयोजक विवेक प्रताप सिंह, जिला संयोजक आदर्श शुक्ला, प्रज्वल मिश्रा, सार्थक टंडन, मयंक अग्रवाल, अंकित मिश्रा, आदर्श, नित्या पाठक, राजेंद्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।