बहराइच। शासन की ओर से इस बार खाद्यान्न उठान की समय सीमा बढ़ाने के कारण पांच दिसंबर से खाद्यान्न वितरण नहीं हो पाएगा। हालांकि, दिसंबर माह से ही शासन की ओर से उपभोक्ताओं को फ्री खाद्यान्न के साथ रिफाइंड, चना व नमक देने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिले के ग्रामीण इलाकों में फ्री में वितरित होने वाले सामान के रखरखाव की व्यवस्था न होना इस बार खाद्यान्न के वितरण में विलंब होने का कारण बताया जा रहा है। इस योजना में जिले के सात लाख गरीबों को लाभान्वित होना है।
सार्वजनिक वितरण वितरण प्रणाली के तहत पात्र गृहस्थी के पांच लाख 74 हजार 51 उपभोक्ता है, जबकि अंत्योदय उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख 27 हजार 31 है। शासन ने मौजूदा समय वितरण प्रणाली के तहत दो चरणों में खाद्यान्न के वितरण की व्यवस्था बनाई है। प्रथम चरण में पात्र गृहस्थी व द्वितीय चरण में अंत्योदय उपभोक्ताओं को खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। शासन की ओर से प्रथम चरण में माह की पांच तारीख से निशुल्क खाद्यान्न और दूसरे चरण में 21 तारीख से शासन की ओर से निर्धारित दाम में खाद्यान्न का वितरण किया जाता था। लेकिन इस बार कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न का उठान न करने से माह की पांच तारीख से होने वाले खाद्यान्न के वितरण का कार्य नही हो सकेगा।
ऐसी स्थित में अब नौ या दस तारीख से खाद्यान्न वितरण कराने के कयास लगाए जा रहें हैं। हालांकि अभी तक शासन की ओर से खाद्यान्न वितरण के लिए कोई निश्चित तिथि की घोषणा नही की गई है। शासन की ओर से चुनावी वर्ष दिसंबर माह से जिले के 5 लाख 74 हजार 51 पात्र गृहस्थी व एक लाख 27 हजार 31 अंत्योदय उपभोक्ताओं को फ्री खाद्यान्न के साथ एक किलो रिफाइंड का पाउच, एक किलो साबूत चना व एक किलो आयोडाइज्ड नमक के पैकेट को वितरण कराने के निर्देश दिए है। इसके अलावा जनवरी से मार्च माह तक अंत्योदय उपभोक्ताओं को तीन किलो चीनी अलग से वितरित की जाएगी।
आयुक्त खाद्य व रसद विभाग सौरभ बाबू ने एक दिसंबर को प्रदेश के जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर खाद्यान्न उठान की तिथि को आगे बढ़ाते हुए 15 तारीख कर दी है। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए है कि हर हाल में कोटेदारों की ओर से 15 दिसंबर तक खाद्यान्न का उठान सुनिश्चित करा लें। जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि दिसंबर माह में जिले के सात लाख से अधिक उपभोक्ताओं को रिफाइंड, चना व तेल का वितरण किया जाएगा।