बहराइच। गांवों के विकास के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार भारी बजट का आवंटन कर रही है। ग्रामीणों की सेहत को लेकर फिक्रमंद सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है जिनमें लगातार घोटाले की शिकायतें आ रही हैं। इसी क्रम में कुछ दिन पूर्व बलहा ब्लॉक के एक ग्राम पंचायत अधिकारी पर स्वच्छ भारत मिशन की योजनाओं में डेढ़ करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगा था। मामले में पंचायत सचिव को निलंबित कर उसके खिलाफ बलहा ब्लॉक के एडीओ ने एफआईआर दर्ज करवा दी थी, लेकिन इस प्रकरण में विभागीय जांच को लेकर विभाग के दो शीर्ष अधिकारियों के बयानों में भारी मतभेद देखने को मिल रहा है।
डीपीआरओ उमाकांत पांडेय जहां गबन मामले में वित्तीय जांच के लिए एडीपीआरओ रामशंकर वर्मा के नेतृत्व में कमेटी गठित करने की बात कह रहे हैं वहीं एडीपीआरओ मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं। दो शीर्ष अधिकारियों के बयान ही जिले में भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।
बलहा ब्लॉक के सचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। मामले में बलहा एडीओ की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई गई है। साथ ही वित्तीय जांच के लिए एडीपीआरओ रामशंकर वर्मा के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में एडीपीआरओ के साथ तीन ब्लॉकों के एडीओ को भी जोड़ा गया है। कमेटी ने अभी अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है। इसके लिए रिमांइडर भेजा जाएगा। जांच कमेटी के हिसाब से आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ
कमेटी बनाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मुझे किसी भी प्रकार का निर्देश नहीं मिला है। मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस की रिपोर्ट में अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो उन्हें जेल होगी।
- रामशंकर वर्मा, एडीपीआरओ