बहराइच। पेड़ों की अवैध कटान से किसी के घर का चिराग बुझ गया और हुक्मरान कार्रवाई करने के बजाय पीछे हटने लगे। न तो डीएफओ ने अवैध कटान पर किसी को दोषी माना और न ही पुलिस ने युवक की मौत पर कोई कार्रवाई की। एक मौत पर दोनों विभागों की मनमानी जारी है। जांच के नाम पर एसडीएम व एसएचओ से सूचना लेकर जिम्मेदारी पूरी समझ ली। वहीं, एसएचओ कह रहे हैं कि मृतक के पिता ने समझौता कर लिया, हम क्या करें। एक मौत पर अफसरों के दर्जनों तर्क सामने आ गए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
- यह पुलिस विभाग का मामला है। हमारे विभाग से कार्रवाई के लिए कुछ बनता नहीं है। अवैध रूप से पेड़ का कटना चोरी का मामला है। यह देखना भी पुलिस का काम है - मनीष सिंह, डीएफओ, बहराइच
- मुझे अवैध पेड़ कटान पर कार्रवाई के निर्देश मिले थे। मैंने डीएफओ को अवगत करा दिया है। विभागीय कार्रवाई हम सार्वजनिक नहीं कर सकते। -आरपी चौधरी, रेंजर, कैसरगंज
- डीएम के निर्देश के बाद मैंने एसएचओ रानीपुर से बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। - सौरभ गंगवार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, बहराइच
- मेरे क्षेत्र में घटना हुई है। दोनों विभागों की जिम्मेदारी बनती है। मैं दोनों विभागों से बातचीत करूंगी। कार्रवाई करने के निर्देश दूंगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दूंगी। - अनुपमा जायसवाल, विधायक, सदर बहराइच
- आरोपी पर धारा 304 के तहत कार्रवाई बनती है। यह धारा कंपाउंडेबल नहीं है। इस सरकार में पुलिस की अनुमति के बिना पेड़ कट ही नहीं सकता है। मृतक के पिता से बातचीत करने के बाद हर हाल में एफआईआर दर्ज कराऊंगा। जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरेंगे। - रामहर्ष यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
- मेरे पास प्रधान और आसपास के गांवों के कुछ बड़े लोग आए थे। मुझ पर दबाव बनाकर एक पत्रावली पर दस्तखत कराकर चले गए। बदले में एक रुपया भी नहीं दिया। कह रहे थे कि तुम्हें यहीं पर रहना है। मामला वापस ले लो। मझे समझ नहीं आ रहा क्या करूं। - रामदीन (वायरल वीडियो में), मृतक के पिता