बहराइच। सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच बैनर तले सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर्मियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि शहर दिनभर जाम से जूझता रहा। मौके पर पहुंचे यातायात कर्मियों ने व्यवस्था संभाली तब जाकर आम यात्रियों को राहत मिली। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष आनंद कुमार पाठक व संचालन जिला मंत्री विजय कुमार उपाध्याय ने किया। अधिकर मंच के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार पाठक ने कहा कि सरकार निरंतर शिक्षक कर्मचारियों के उत्पीड़न पर उतर आई है। मनमाने तरीके से कानून बनाकर उत्पीड़न कर रही है। कर्मचारियों को जबरन रिटायर किया जा रहा है। उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। उनके ऊपर जबरियन मनमाने तरीके से कानून और नियम थोपे जा रहे है, जिससे वह विवश होकर अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ने के लिए खड़े हुए हे। मंच के जिला सचिव आरके वर्मा ने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि शिक्षकों व कर्मचारियों की पेंशन बहाल की जाए। जबरन रिटायरमेंट रोका जाए।
जिला सचिव विजय उपाध्याय ने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी अपनी मांगों के प्रति आंदोलन करने को कटिबद्ध है। मीडिया प्रभारी बृजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि अर 30 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं हुई तो लखनऊ में विशाल धरना-प्रदर्शन होगा। इस मौके पर उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, सरदार सरजीत सिंह, डॉ. दीनबंधु शुक्ला, विमला मिश्रा, सुनील वर्मा, गोपाल सिंह, नफीस अहमद, सोमनाथ शर्मा, रंजीत सिंह, उमाकांत तिवारी, जयराज सिंह, राजकुमार सिंह, भुनेश्वर पाठक, मोनिका सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
अपनी मांगों को लेकर एक बैनर के नीचे लामबंद हुए कर्मचारियों की संख्या करीब पांच सौ थी। सड़क पर करीब आधा किलोमीटर तक लाइन खत्म नहीं हुई। भीड़ इतनी कि सड़क से जुड़े अन्य मांगों पर जाम लग गया। लोगों के कलेक्ट्रेट पहुंचने के घंटे भर बाद तक जाम लगा रहा। कर्मचारियों की वापसी में भी जाम का यही हाल था।