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वन माफिया ने की थी वाचर की हत्या

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रूपईडीहा (बहराइच)। अब्दुल्लागंज जंगल में बीते दिनों हुई वाचर की हत्या का खुलासा पुलिस ने मंगलवार को कर दिया। जंगल में कटान का विरोध करने व कुल्हाड़ी छीन लेने से नाराज वन माफिया ने गमछे से गला दबाकर वाचर की हत्या की थी। घटना को छिपाने के लिए धान के खेत में शव फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने तहकीकात करते हुए दो वन माफिया को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं। उनकी निशानदेही पर वाचर की साइकिल भी बरामद की है। पकड़े गए हत्यारोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामपुर हुसैन बक्श गांव निवासी 40 वर्षीय अब्बास खां पुत्र छोटकऊ वन विभाग में वाचर के पद पर तैनात थे। इनकी ड्यूटी अब्दुल्लागंज जंगल में लगी थी।
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13 अक्तूबर की शाम वह ड्यूटी कर ऑफिस से घर के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। 14 अक्तूबर को उनका शव धान के खेत में मिला था। मृतक की पत्नी छोटका ने हत्या की आशंका जताते हए रूपईडीहा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने थानाध्यक्ष अभय सिंह को घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया था। थानाध्यक्ष ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पकड़े गए हत्यारोपियों की पहचान भूरे उर्फ रईश पुत्र मोहम्मद अली खां व भूलई पुत्र मोहम्मद अली खां निवासी रामपुर हुसैनबक्श के रूप में हुई है। पूछताछ में हत्यारोपियों ने बताया कि दोनों भाई हैं।
लकड़ी काटने पर उनके बच्चों से वाचर गाली-गलौच करता देता था। लकड़ी नहीं काटने देता था। कुल्हाडी छीन लेता था। 13 अक्तूबर को बच्चे लकड़ी काटने गए तो वाचर ने कुल्हाड़ी छीनकर भगा दिया था। बच्चों ने जब यह बात घर आकर बताई तो नागवार गुजरी। शाम को जब वाचर साइकिल से घर जा रहा था तो दोनों भाइयों ने विरोध जताया। इसी दौरान बहस हुई और दोनों ने गमछे से गला दबाकर वाचर की हत्या कर दी। इसके बाद शव को दलवीर सिंह पुत्र लाल बहादुर सिंह निवासी लक्ष्मनपुर गुलालडीह के धान के खेत में फेंककर फरार हो गए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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