बहराइच। चौखड़िया गांव निवासी एक विवाहिता की तबियत खराब हुई। इस पर उसे परिवार के लोग गोंडा रोड स्थित अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सक ने इलाज का रुपया जमा कराया। इसके बाद अस्पताल चौराहा स्थित पैथालॉजी के नाम की जांच रिपोर्ट दे दी। युवक का कहना है कि जांच रिपोर्ट फर्जी है। इसका पैथालॉजी संचालक के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। उसने सीएमओ के साथ अन्य अधिकारियों से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली देहात ग्राम पंचायत चौखड़िया निवासी गुड़िया देवी पुत्री संतोष कुमार पांडेय को पांच सितंबर को बुखार की शिकायत हुई। इस पर परिवार के लोग गोंडा रोड स्थित जीवन छाया हॉस्पिटल ले गए। यहां जीवन छाया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के चिकित्सक डॉ. कुलदीप ने इलाज करने से पूर्व 3597 रुपये की मांग की। युवती के फुफेरे भाई अजय कुमार शुक्ला ने इलाज के लिए दो हजार रुपये जमा किए। इसके बाद चिकित्सक ने खून का नमूना लेकर जांच के लिए कहीं भेजा, लेकिन इलाज में शिथिलता देख अजय मरीज को लेकर दूसरे जगह चले गए। दूसरे दिन प्रार्थी जांच रिपोर्ट लेने अस्पताल पहुंचा तो शेष 1300 रुपये की मांग चिकित्सक द्वारा की गई। पीड़ित के रुपये देने के बाद रिपोर्ट दिया गया। लेकिन अस्पताल से दी गई रिपोर्ट पूरी तरह से फर्जी है।
अजय का कहना है कि अस्पताल चौराहा स्थित वेदांता पैथालॉजी की रिपोर्ट बनाकर दी गई है जबकि पैथालॉजी के कर्मचारी का कहना है कि हमारी रिपोर्ट नहीं है। न ही जांच का कोई प्रारूप है। फर्जी रिपोर्ट बनाकर दी गई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी, सीएमओ और प्राचार्य को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आईजीआरएस पर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। इस मामले में अस्पताल के मोबाइल नंबर पर बात की गई तो प्रदीप कुमार नामके युवक ने अपने को चिकित्सक का भाई बताया। बयान देने से इंकार कर दिया।
पीड़ित व्यक्ति की ओर से ऑनलाइन शिकायत की गई है जिसकी कॉपी अभी नहीं मिली है। कॉपी मिलने पर डिप्टी सीएमओ से जांच कराई जाएगी। संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी जिससे कोई पुन: ऐसी हरकत न करे।
- डॉ. एसके सिंह, सीएमओ, बहराइच