बहराइच। फूलों के वंदनवारों, रंगोलियां, दीपमालाओं और ध्वजा पताकाओं से सजे घर व मंदिर रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण की किलकारी गूंजते ही उत्साह से सराबोर नजर आए। घरों व मंदिरों मे घंटा और घड़ियाल बजने लगे। जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी। नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की बधाइयां गूंजने लगीं। घरों व मंदिरों में सजाई गईं झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्तों ने पूजा-पाठ कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग अर्पित किया। पूरे जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की निराली छटा कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद भी यादगार बन गई। रात 11:50 पर ही मंदिरों व घरों में भगवान के भजनों के बीच घंटे व घड़ियाल बजने लगे। हर कोई अपने भगवान के दर्शन की प्रतीक्षा में रहा। शंखनाद के बीच नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की गूंजा तो पूरा जिला श्याम रंग में रंग गया। जन्माष्टमी पर भक्तों ने व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की। छप्पन भोग लगाकर आशीर्वाद मांगा। शहर के अग्रसेन चौक, पीपल चौराहा व गुदड़ी मोहल्ले में सजी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। देर रात तक लोगों ने पूजा-पाठकर झांकियों का लुत्फ उठाया। सेल्फी खींचकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर सुनहरे पलों को कैद किया। शहर के पुलिस लाइन में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह के नेतृत्व में पूजा-पाठ हुआ। बाल कृष्ण बनकर कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों ने मनमोह लिया।
पुलिस लाइन परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में खूब भीड़ उमड़ी। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण काफी लोग खड़े होकर कार्यक्रम देखने को मजबूर हुए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम ग्रामीण अंचलों में भी रही। रिसिया नगर के हनुमान दुर्गा मंदिर, शास्त्रीनगर के संतोषी माता मंदिर व श्याम बाबा मंदिर में झांकी सजाई गई। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। नानपारा के स्टेशन रोड पर सजी झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा नवाबगंज, कैसरगंज, मिहींपुरवा, पयागपुर, खुटेहना व बाबागंज समेत अन्य जगहों पर भी धूम रही।