बहराइच। शहर के बंजारी मोड़ पर कुछ ठगों ने एक संस्था का कार्यालय खोलकर लोगों को बच्चों के सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया। एजुकेटर के माध्यम से पंजीकरण शुरू कराया गया। प्रति व्यक्ति 4200 रुपये की रकम जमा कराई जा रही थी जिसके बाद दो बच्चों को 750 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दिए जाने का झांसा दिया गया था। बहराइच के साथ बाराबंकी, सीतापुर, लखीमपुर और श्रावस्ती जिले का हेड ऑफिस बना हुआ था। शुक्रवार रात ये लोग अचानक सभी सामान समेटकर ऑफिस बंदकर फरार हो गए जिस पर लोगों को ठगे जाने का अहसास हुआ। सभी ने नगर मजिस्ट्रेट को पत्र सौंपा है। करोड़ों रुपये की ठगी का अंदाजा लगाया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
बहराइच शहर के कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत बंजारी मोड़ के निकट लोयला एजुकेशनल के नाम से करीब साल भर पहले एक कार्यालय खोला गया था। यहां बहराइच के साथ ही बाराबंकी, सीतापुर, लखीमपुर और श्रावस्ती जिले के लोगों का भी पंजीयन किया जाता था। संस्था की ओर से दावा किया जा रहा था कि 4200 रुपये प्रति व्यक्ति एक बार पंजीकरण शुल्क जमा किया जाएगा जिसके बाद दो बच्चों की शिक्षा के लिए प्रतिमाह 750 रुपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी जिसमें सैकड़ों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी थी। शुक्रवार रात अचानक कार्यालय बंद कर सभी फरार हो गए।
शनिवार सुबह पहुंचे लोगों को ठगी की जानकारी हुई जिसके बाद सभी ने संस्था के संचालक व हेड सोनभद्र के आशुतोष नारायन, सीनियर मैनेजर रिजवान, श्रावस्ती जिले के जिला मैनेजर संजय सिंह व कृष्ण मोहन तिवारी को नामजद करते हुए नगर मजिस्ट्रेट अनिल सिंह को पत्र सौंपा। प्रभारी निरीक्षक प्रेमपाल सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ठगी का शिकार होने वाले महसी के जगतराम, मटेरा के मोहम्मद यूसुफ खां, रामपुर बरई के प्रदीप वर्मा, मटेरा के शमसुद्दीन, कुतबुद्दीन, श्रावस्ती के भिनगा निवासी अनिल कुमार व रामनरायन ने बताया कि संस्था के लोगों ने लुभावने ऑफर दिए थे। इसके तहत बच्चों के शादी फंड से लेकर मेडिकल बीमा आदि तक की सुविधा का ऑफर था। एक व्यक्ति को करीब 30 लोगों का पंजीकरण कराना रहता था जिस पर उनको सिलाई मशीन, वाशिंग मशीन व बेड भी दिए जाने का ऑफर था।
पीड़ितों ने बताया कि सेंटर एजुकेटर के लिए संस्था द्वारा 15500 रुपये जमानत धनराशि के रुप में जमा कराए जाते थे। जिले में करीब 560 सेंटर एजुकेटर बने हुए हैं। एक एजुकेटर को 650 पंजीकरण कराने पर जमानत धनराशि वापस मिल जाती थी। इसी तरह से जिला स्तर पर डीएफओ (डिस्ट्रिक्ट फील्ड ऑफिसर), सीनियर एजुकेटर, जूनियर एजुकेटर और प्री एजुकेटर के पद बना रखे थे।