बहराइच। ग्राम पंचायत नगर के ग्रामीणों ने पूर्व ग्राम प्रधान, सचिव व अन्य अधिकारियों पर बिना निर्माण के ही लाखो रुपये निकालने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। मामले की जांच की गई। जिसमें सभी आरोप सही मिले। इस पर उपायुक्त श्रम रोजगार ने कोतवाली देहात में पूर्व ग्राम प्रधान, सचिव, अवर अभियंता समेत चार के विरुद्ध सरकारी धन का गबन, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।
कोतवाली देहात के ग्राम नगर के ग्रामीणों ने तीन दिन पूर्व कलेक्ट्रेट पहुंचकर पूर्व ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, अवर अभियंता समेत अन्य पर सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने बिना निर्माण के ही विभिन्न मद में लाखो रुपये निकाले जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के आरोपों की जांच उपायुक्त श्रम रोजगार केडी गोस्वामी से कराई। जांच में गांव में 11 कार्यों में धन का दुरुपयोग किया। कई कार्यों में बिना निर्माण के ही धन निकाल लिया गया। उपायुक्त श्रम रोजगार के मुताबिक ग्राम विकास अधिकारी दीनानाथ, अवर अभियंता डीएन सिंह समेत अन्य अधिकारी घोटाले पर चुप्पी साधे रहे।
बिना निर्माण के ही लाखों रुपये के गबन की पुष्टि जांच में हुई। इस पर उपायुक्त श्रम रोजगार केडी गोस्वामी ने कोतवाली देहात में तहरीर दी। उपायुक्त श्रम रोजगार की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार पाल, अवर अभियंता डीएन सिंह, ग्राम विकास अधिकारी नगर दीनानाथ और अज्ञात सचिव के विरुद्ध धोखाधड़ी, सरकारी धन का गबन करने समेत पांच धाराओं में केस दर्ज कराया है। कोतवाली प्रेमपाल सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक शैलेष सिंह और सुभाष चचंद्र यादव को सौंपी गई है।
उपायुक्त श्रम रोजगार द्वारा किए गए जांच में लिखा गया है कि वर्ष 2019-20 में नगर गांव में विद्याराम के खेत से जवाहिर के खेत तक खड़ंजा निर्माण में तत्कालीन बीडीओ चंद्रभूषण यादव तथा मनरेगा की अन्य परियोजनाओं में जिनका भुगतान वर्ष 2020-21 में किया गया है। वर्तमान में नियुक्त खंड विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज द्वारा शिथिल पर्यवेक्षण पाया गया है। जिसके हस्ताक्षर, फोटो सभी प्रपत्र मुख्य विकास अधिकारी को दिया गया है।