बहराइच। जिला अस्पताल देवीपाटन मंडल का आदर्श अस्पताल है। प्रतिदिन औसतन 32 सौ मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
इनमें बहराइच के अलावा पड़ोसी जनपद श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर और नेपाल राष्ट्र के मरीज होते हैं। लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टर तय समय तक ओपीडी में नहीं बैठ रहे हैं।
ऐसे में दूर-दराज के जनपदों से पहुंचने वाले रोगी और तीमारदार भटकने को मजबूर हैं। गुरुवार दोपहर बाद जब ‘अमर उजाला’ टीम जिला अस्पताल पहुंची तो उसे अव्यवस्था दिखी।
ओपीडी का समय दोपहर दो बजे तक होने के बावजूद 1:30 से 1:40 बजे तक अधिकतर डॉक्टर जा चुके थे। ओपीडी में चिकित्सकों की कुर्सियां खाली पड़ी थी।
जबकि मरीज ओपीडी के बाहर डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। ओपीडी में सिर्फ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव व हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह ही बैठे मिले। ओपीडी के लगभग 13 कमरों में सन्नाटा पसरा मिला।
सीन- 1
ओपीडी नंबर 22
जिला अस्पताल के ओपीडी नंबर 22 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह बैठे मिले। आधा दर्जन मरीज अपने परीक्षण का इंतजार कर रहे थे। डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अब तक 70 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें परामर्श दे चुके हैं।
सीन- 2
ओपीडी नंबर 25
ओपीडी कक्ष 25 में फिजीशियन प्रभाकर मिश्रा की ड्यूटी थी। लेकिन वे नदारद मिले। पता चला कि 25 मिनट पहले ही चिकित्सक डॉ. प्रभाकर जरूरी काम होने की बात कहकर निकल गए थे।
सीन- 3
ओपीडी नंबर 23
ओपीडी कक्ष नंबर 23 में नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके वर्मा बैठते हैं, लेकिन वे भी 1.35 बजे नदारद मिले। जबकि कक्ष के बाहर मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे थे। कक्ष में मौजूद एक सहयोगी ने बताया कि पांच मिनट पहले डॉक्टर साहब चले गए हैं।
सीन- 3
ओपीडी नंबर 21
कक्ष संख्या 21 में फिजीशियन एसके त्रिपाठी बैठते हैं, लेकिन उनकी कुर्सी भी खाली मिली। जबकि कक्ष के बाहर 20 से अधिक रोगी बैठे मिले। पता चला कि रोगी आधे घंटे से चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं।
केस- 4
ओपीडी संख्या 14
ओपीडी कक्ष 14 में डॉ. एफआर मलिक की कुर्सी खाली मिली। पता चला कि वह दोपहर में ऑपरेशन थियेटर जाने की बात कहकर निकले थे। कक्ष के बाहर सात मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे थे।
केस- 5
ओपीडी कक्ष संख्या 18 में चेस्ट फिजीशियन डॉ. आरएन बरनवाल मरीजों से घिरे मिले। लगभग 13 मरीज बैठे हुए थे, जिनका वे परीक्षण कर रहे थे।
डॉक्टरों का इंतजार करते मिले रोगी
जिला अस्पताल में पयागपुर के पंडितपुरवा निवासी भगतराम ने बताया कि एक बजे अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि चेस्ट फिजीशियन कुछ देर पहले निकल गए हैं।
सदर तहसील क्षेत्र निवासी सुनीता ने बताया कि अरसे से बुखार पीड़ित हैं। डॉ. प्रभाकर को दिखाना था, लेकिन वह नहीं मिले।
शहर के मोहल्ला सूफीपुरा निवासी कुलेतरा ने कहा कि पेट दर्द से छह दिन से परेशान हूं। डॉ. एसके त्रिपाठी का इलाज चल रहा है। दोपहर में एक बजे दर्द बढ़ा तो अस्पताल आए, लेकिन चिकित्सक से मुलाकात नहीं हो सकी।
औचक निरीक्षण कर करेंगे कार्रवाई
जिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक है। इस अवधि में किसी भी चिकित्सक को ओपीडी कक्ष न छोड़ने की हिदायत है।
फिर भी अगर चिकित्सक कक्ष में मौजूद न मिले तो इस मामले में औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगे। संबंधित चिकित्सक से भी बात कर उन्हें सजग किया जाएगा।
-डॉ. डीके सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक
जनऔषधि केंद्र में जीवन रक्षक दवाएं भी खत्म
जिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र में महज 12 प्रकार की दवाएं ही बची हैं। न तो एंटी बायोटिक है और न ही बुखार, खांसी और उल्टी दस्त की दवा।
इसके कारण अब मरीजों ने जन औषधि केंद्र जाना भी बंद कर दिया है। सीएमएस का कहना है कि डिमांड शासन को भेजी गई है। शीघ्र ही दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।