गायघाट/मोतीपुर। मिहींपुरवा बाजार में अवैध तरीके से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बुधवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और डिप्टी सीएमओ ने छापेमारी की। टीम को देखकर संचालक सेंटर पर ताला लगाकर भाग गया।
अंदर से मरीज चिल्लाते रहे लेकिन संचालक नहीं रुका। जांच में पता चला कि अल्ट्रासाउंड एक ही नाम से दो जगह संचालित हो रहा है। सेंटर को सीज कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
नानपारा व मोतीपुर क्षेत्र में अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होने की सूचना अधिकारियों को मिली थी। इस पर जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
बुधवार शाम को अतिरिक्त राजेश श्रीवास्तव, तहसीलदार केशव प्रसाद, डिप्टी सीएमओ पीके बांदिल, पुलिस टीम के साथ मिहींपुरवा बाजार में संचालित सनराइज डाइग्नोसिस अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे।
यह सेंटर बाजार में अशोक मदेशिया के मकान में किराए पर संचालित है। टीम के पहुंचते ही संचालक आलोक कुमार शटर गिरा ताला लगाकर फरार हो गए।
जबकि सेंटर के अंदर मरीज बैठे थे जो शोर मचाने लगे। टीम के अधिकारियों ने बाहर से ताला तोड़वाकर अंदर बैठे मरीजों को निकाला। सेंटर के अंदर अभिलेखों को खंगाला, लेकिन कोई भी कागजात नहीं मिले।
एक ही नाम से दो जगह चल रहा था सेंटर
एक ही नाम से नानपारा और मिहींपुरवा में सेंटर संचालित हो रहा है। मिहींपुरवा में संचालित सेंटर पूरी तरह अवैध है। सेंटर को सीज कर दिया गया है। मरीजों के बयान दर्ज किए गए हैं।
-पीके बांदिल, डिप्टी सीएमओ