बहराइच। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से जारी स्कूली वाहनों की गाइडलाइंस का कई स्कूल संचालक मजाक बना रहे हैं। इसको लेकर एआरटीओ महकमा सख्त हो गया है। नौनिहालों की जान से खिलवाड़ कर रहे 60 अनफिट वाहनों को नोटिस जारी करने के बाद 35 का परमिट निलंबित कर दिया गया है।
जिले में 300 निजी विद्यालयों के 510 छोटे-बड़े स्कूली वाहन सहायक संभागीय कार्यालय में पंजीकृत हैं। वहीं 100 से अधिक निजी वाहन स्वामी भी विभिन्न स्कूलों से बच्चों को लाने व ले जाने का काम कर रहे हैं। इनमें करीब 40 फीसदी छोटे-बड़े वाहन परिवहन विभाग के मानकों को दरकिनार कर संचालित हो रहे हैं। नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पूर्व जब विभाग ने वाहनों की फिटनेस आदि की जांच कराई तो 102 वाहनों का फिटनेस फेल मिला था। इस पर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 42 स्कूली वाहनों ने अपना फिटनेस आदि कार्य पूरा कर एनओसी ले ली, लेकिन 60 वाहन स्वामी लापरवाह बने रहे। इस पर विभाग ने 35 स्कूली वाहनों के परमिट को निलंबित कर दिया है।
हर शैक्षिक सत्र में दिया जाता है नोटिस
प्रत्येक शैक्षिक सत्र की शुरुआत से पहले स्कूली वाहनों को फिटनेस कराने का नोटिस जारी होता है। साल 2023 में 118 वाहनों को नोटिस जारी किया गया था। वर्ष 2024 में 70 स्कूली वाहनों को नोटिस दिया गया था। विभाग ने मौजूदा शैक्षिक सत्र में 60 स्कूली वाहनों को नोटिस भेजा है।
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ये हैं मानक
संभागीय परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर अलग नियम बनाए गए हैं। इसके तहत स्कूली वाहनों में अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरा व जीपीआरएस की सुविधा होना आवश्यक है, लेकिन जिले में संचालित स्कूली वाहन नियमों को दरकिनार कर संचालित हो रहे हैं।
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सीज किए जाएंगे वाहन
60 अनफिट स्कूली वाहनों का अभी तक फिटनेस नहीं हुआ है। ऐसे वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा गया है। 35 अनफिट वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। वाहन स्वामियों ने वाहनों का फिटनेस नहीं कराया, तो वाहनों को सीज कर दिया जाएगा। -राजीव कुमार, एआरटीओ प्रशासन